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फिजिकल फिटनेस ही नहीं इमोशनल हेल्थ के लिए भी एक्सरसाइज है जरूरी

Emotional Benefits of Exercise: 'एक्सरसाइज आज नहीं कल से करेंगे' अगर आप खुद को ऐसा कहते हैं तो सोच लीजिए कहीं आप अपने इमोशनल हेल्थ के साथ समझौता तो नहीं कर रहे हैं? कितनी बार आप घंटों तक फोन पर रील्स, वीडियो, या सीरीज बिंज वॉच करते रहे हैं लेकिन उठ कर कुछ देर एक्सरसाइज नहीं कर पाए? अगर ऐसा है तो जान लीजिये की आप अपनी फिजिकल , मेन्टल और इमोशनल हेल्थ तीनों को खतरे में डाल रहे हैं। रिसर्च के अनुसार एक्सरसाइज हमारी मेन्टल और इमोशनल हेल्थ का ख्याल भी रखती है।

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Emotional Benefits of Exercise: Stress Relief, Mood-Boosting, Emotional Well-Being

Emotional Benefits of Exercise: हमने अक्सर पढ़ा व सुना है की किस तरह एक हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए एक्सरसाइज जरूरी है। रेगुलर एक्सरसाइज से हम कई बिमारियों के होने वाले रिस्क को दूर कर सकते है और फिट रह सकते है। लेकिन राज की बात यह है की केवल अच्छा दिखने के लिए ही नहीं, अच्छा सोचने और समझने के लिए भी एक्सरसाइज जरूरी है। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ ऐजिंग (National Institute of Ageing) में एक रिसर्च के अनुसार एक्सरसाइज से न केवल हम फिजिकली फिट रहते हैं बल्कि हमारी मेन्टल और इमोशनल हेल्थ भी अच्छी रहती है। जब आप उदासी, स्ट्रेस या कोई परेशानी महसूस कर रहे हों, तो बैठे रहने की बजाय चलना शुरू करें, एक्सरसाइज करें, इससे आपको फील गुड होगा। इसी रिसर्च के अनुसार फिजिकल एक्टिविटी से हम स्ट्रेस और टेंशन को दूर करते हुए अच्छे मूड और इमोशनल हेल्थ को बढ़ावा दे सकते हैं, साथ ही एनर्जी लेवल बूस्ट कर सकते है। इसके अलावा नींद भी अच्छी आने से चिड़चिड़ापन दूर होता है और इमोशनल स्ट्रेंथ मजबूत होती है।


फिजिकल एक्टिविटी और एक्सरसाइज से हमारे काम करने की और सोचने की क्षमता में इम्प्रूवमेंट आता है और हम अपने बनाए प्लान्स और गोल्स को बिना किसी परेशानी के फॉलो कर सकते है। इसके अलावा हम बेकार और बेवजह की बातों पर ध्यान देना बंद कर देते है जिससे इमोशनल हेल्थ को लाभ मिलता है। सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार हर दिन फिजिकल एक्टिविटी करने से मसल और बोन्स स्ट्रांग होती हैं, वेट लॉस और बीमारी का रिस्क तो कम होता ही है साथ-साथ मेन्टल हेल्थ में भी काफी सुधार आता है। बढ़ती उम्र के साथ चिंताएं भी बढ़ने लगती है ऐसे में जो बड़े-बुजुर्ग कम बैठते हैं और फिजिकल एक्टिविटी करते हैं उन्हें कई मेन्टल,फिजिकल और इमोशनल स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। केवल कुछ पॉजिटिव लाइफस्टाइल चेंजेज जैसे की एक्सरसाइज करने व हेल्दी फूड्स खाने से हम अपनी इमोशनल स्ट्रेंथ बढ़ा सकते हैं।

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इमोशनल हेल्थ के नए सफर की शुरुआत के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजिंग (एनआईए) के सुझाए इन फिजिकल एक्टिविटी को फॉलो कर सकते हैं।

Walking, bicycling, or dancing: इन एक्टिविटीज से आपकी ब्रीथिंग सुचारु होगी, हार्ट को पंप करने में मदद मिलेगी, बॉडी में जो चेमिकल्स हैं वो आपके मूड में सुधार लाएंगे।

Yoga: योग के लाभ तो पूरी दुनिया जानती है। योग से माइंड, बॉडी और इमोशनल हेल्थ के कई फायदे हैं। इसमें अलग- अलग पोस्चर, प्राणायाम और ब्रीथिंग प्रैक्टिस होती है जो पूरे शरीर को पॉजिटिव एनर्जी से भर देती है, रिलैक्स करने में असरदार है और इमोशनल हेल्थ में सुधार लाती है।

Tai Chi: टाई ची एक "मूविंग मेडिटेशन" है जिसमें गहरी सांस लेते हुए शरीर को धीरे-धीरे, प्यार से और सटीक रूप से शिफ्ट करना शामिल है।

Activities you enjoy: जिन एक्टिविटी को करने से आपको आनंद व सुकून मिलता हैं उन्हें जरूर करें। इनमें गार्डनिंग, टेनिस खेलना, अपने ग्रैंड चिल्ड्रन या घर के छोटे बच्चों के साथ फुटबॉल या कोई अन्य गेम खेलना शामिल करें। ऐसी कोई भी फिजिकल एक्टिविटी जिसे करने से आपको खुशी मिले उससे अपनी लाइफस्टाइल में शामिल करें।

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