
Naturally Ripened Mangoes पहचानने के टिप्स| (representative image) image credit gemini
FSSAI Guidelines For Mangoes: गर्मियों का मौसम आते ही बाजार में आम की डिमांड बढ़ जाती है। ऐसे में दुकानदार आमों की मांग पूरी करने के लिए खतरनाक केमिकल्स, जैसे 'कैल्शियम कार्बाइड' का इस्तेमाल करके आमों को पका के बेचना शुरू कर देते हैं। यह केमिकल ऐसी गैस छोड़ता है जो सेहत के लिए हानिकारक होती है। आइए जानते हैं कि घर पर कच्चे आमों को बिना किसी केमिकल के कैसे पकाया जा सकता है और साथ ही बाजार में मिलने वाले प्राकृतिक रूप से पके आमों की पहचान कैसे करें।
अगर आप बाजार से केमिकल वाले आम नहीं खरीदना चाहते हैं और आपके घर में पके हुए आम नहीं हैं, जिनकी मदद से नेचुरल तरीके से आम पक सकें, तो आप कच्चे आमों को एक टोकरी या गत्ते के डिब्बे में रख सकते हैं। इसके लिए डिब्बे में नीचे सूखी घास या पुआल की एक परत बिछाएं, उस पर आम रखें और ऊपर से फिर से घास या पुआल से ढक दें। ऐसा करने से घास आम से निकलने वाली प्राकृतिक एथिलीन गैस को बाहर नहीं जाने देती, जिससे आम 2-3 दिनों में अपने आप पक जाते हैं।
कच्चे आमों को अलग-अलग अखबार के पन्नों या ब्राउन पेपर बैग में लपेटें और इन्हें एक बंद डिब्बे में रखें। कागज आम से निकलने वाली गैस को उसके चारों ओर रोककर रखता है, जिससे गर्मी पैदा होती है और फल के पकने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।
आम को नेचुरल तरीके से पकाने के लिए इसे एक गहरे बर्तन में चावल भरने के बाद इसमें कच्चे आमों को चावल के अंदर गहराई में दबा दें। ऐसा करने से आम 1-2 दिन में पक जाएंगे।
भारत में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षा और स्वच्छता को सुनिश्चित और नियमित करने वाली भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अपने ऑफिशियल एक्स (X) हैंडल पर पके आमों से जुड़े कुछ टिप्स शेयर किए हैं।
केमिकल से पकाए गए आम पूरे एक जैसे चमकीले पीले रंग के दिखते हैं। अगर आप किसी भी दुकानदार के पास एक ही रंग में सारे पके आम देखते हैं, तो ऐसी जगह से खरीदारी न करें।
केमिकल का उपयोग करके पकाए गए आमों में आम जैसी भीनी-भीनी नेचुरल खुशबू नहीं होता है।
केमिकल का इस्तेमाल करके पकाए गए आम छूने में ऊपर से नरम लगते हैं, लेकिन अंदर से काफी सख्त होते हैं।
दवाइयों का इस्तेमाल करके पकाए गए आमों को खाने पर इनका स्वाद फीका या अजीब सा महसूस हो सकता है।
केमिकल का इस्तेमाल करके पकाए गए आमों के छिलके पर कभी-कभी सफेद पाउडर जैसा निशान या परत दिखाई दे सकती है।
नेचुरली पके आमों का रंग एक जैसा नहीं होता, बल्कि उन पर हरे और पीले रंग के मिले-जुले धब्बे या पैच दिखाई देते हैं।
बिना दवाओं के, पेड़ पर या नेचुरल तरीके से पके आम के डंठल वाली जगह से मीठी खुशबू आती है।
नेचुरल आमों को हाथ में लेकर हल्का दबाने से ये ऊपर के साथ-साथ अंदर तक नरम महसूस होते हैं।
बिना दवाइयों का इस्तेमाल किए पकाए गए आमों का स्वाद काफी ज्यादा मीठा होता है और ये केमिकल वाले आमों की तुलना में अधिक रसीले होते हैं।
नेचुरल तरीके से पकाए गए आमों पर छोटे-छोटे काले निशान हो सकते हैं, जो बिल्कुल सामान्य बात है।
Published on:
18 Jun 2026 05:54 pm
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