
जानें, शूटिंग में Realistic Action Effects कैसे होता है | image credit instagram- directorabhaychhabra
How Action Scene Filming: फिल्मों में कभी न कभी आपने अपने फेवरेट हीरो को गुस्से में लड़ाई करते समय विलेन को टेबल पर फेंककर मारते हुए या विलेन के सिर पर टेबल मारते हुए जरूर देखा होगा। इसे देखकर आपने सीटियां और तालियां भी बजाई होंगी। लेकिन ऐसे में कभी न कभी आपके मन में यह सब देखकर ख्याल भी जरूर आया होगा कि ये लोग इतने खतरनाक स्टंट करते कैसे हैं और क्या इन्हें चोट नहीं लगती?
Movie Stunt Techniques के बारे में आइए लेखक, फिल्म निर्माता और इन्फ्लुएंसर अभय छाबड़ा द्वारा शूटिंग की दुनिया के इस बड़े राज की असलियत के बारे में जानते हैं।
फिल्मों में जो टेबल आप टूटते हुए देखते हैं, वो असल में लकड़ी की नहीं, बल्कि भूसे जैसे मटेरियल या हाई-डेंसिटी फोम (High-Density Foam) की बनी होती है। इसके लिए 'डमी टेबल' का इस्तेमाल किया जाता है। ये टेबल दिखने में बिल्कुल मजबूत लकड़ी से बनी दिखती हैं, लेकिन असल में ये बहुत ही हल्के और कमजोर मटेरियल से बनी होती है। इसे ऐसे इसलिए बनाया जाता है कि शूटिंग के दौरान हल्का सा धक्का लगते ही ये टूटकर बिखर जाए।
सिर्फ लकड़ी से बने फर्नीचर के साथ ही कुछ में कांच भी लगे दिखते है, जो असली कांच का नहीं बल्कि टेफलॉन से बने होते हैं। इनका इस्तेमाल कलाकारों और स्टंटमैन को चोट से बचाने के साथ ही 'रिटेक' लेने के लिए किया जाता है। फिल्मों में हर सीन को परफेक्ट बनाने के लिए कई बार अलग-अलग एंगल से शूट करना पड़ता है। अगर एक बार में ही असली टेबल तोड़ दी, तो दूसरा शॉट कैसे लेंगे? इसीलिए इस तरह के मटेरियल से बनी डमी टेबल का इस्तेमाल किया जाता है। ये इतनी हल्की होती है कि इसे बार-बार सेट किया जा सकता है और अगर शॉट सही न हो, तो इसे आसानी से बदल कर दोबारा शूट किया जा सकता है।
शूटिंग सीन को परफेक्ट बनाने के लिए सिर्फ डमी सामान ही नहीं, बल्कि आर्ट डायरेक्टर इसमें कुछ खास 'ब्लास्ट इफेक्ट' वाली टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल करते हैं। जब एक्टर टेबल पर विलेन को मारता है, तो उसे दूर खड़े टीम के लोग ब्लास्ट कर देते हैं, जो टूटने के बाद एक धमाकेदार लुक देती है। इससे एक्टर को एक चोट नहीं लगता, लेकिन सीन एकदम रियलिस्टिक लगता है।
Published on:
18 Jun 2026 02:02 pm
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