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Love Marriage करने के बाद है ऑनर किलिंग का डर?  घबराएं नहीं, संविधान देता है आपको सुरक्षा का अधिकार

Marriage Legal Rights in India: आज की स्टोरी में आइए जानते हैं कि अगर कोई बालिग कपल अपनी मर्जी से शादी करना चाहता है और घर वाले इसके खिलाफ हैं या मारने की धमकी दे रहे हैं, तो ऐसे मामले में क्या करना चाहिए।

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Marriage Legal Rights

Marriage Legal Rights | image credit gemini

Marriage Legal Rights In India: आज के समय में कई बार ऐसा होता है कि लड़का और लड़की अपनी मर्जी से शादी करना चाहते हैं, लेकिन परिवार की मर्जी इसके खिलाफ होती है। कभी-कभी यह मामला इतना गंभीर हो जाता है कि परिवार वाले जान से मारने की धमकी देते हैं या हमला करवा देते हैं। लेकिन ऐसे हालात में कपल को डरने या अपने फैसले से पीछे हटने की जरूरत नहीं है, क्योंकि भारतीय कानून उनके साथ है। अगर आप या आपका साथी इस स्थिति में हैं, तो आप कानून के तहत सुरक्षा और मदद ले सकते हैं। आज की स्टोरी में ऐसे मामलों में क्या कदम उठाए जा सकते हैं और आपके कानूनी अधिकार क्या हैं, आइए इलाहाबाद हाई कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही एडवोकेट बुशरा अमन खान से जानते हैं।

हमला या हत्या के प्रयास के लिए FIR दर्ज कराएं


अगर कोई लड़की और लड़का अपने परिवार की मर्जी के बिना शादी कर लेते हैं और लड़की के परिवार वाले लड़के पर हमला करने या उसे मारने की कोशिश करते हैं, तो लड़का या दोनों पुलिस में FIR दर्ज करवा सकते हैं। इसके तहत धारा 307 IPC के तहत हत्या के प्रयास का मामला बनता है, जिसकी सजा लाइफ इम्प्रिजनमेंट तक हो सकती है। इसके अलावा, अगर धमकी दी गई हो तो धारा 506 IPC, अगर मारपीट हुई हो तो धारा 323 IPC, और अगर कई लोग मिलकर हमला किया हो तो धारा 34 IPC भी लागू होती है।


पुलिस सुरक्षा का अधिकार


शादीशुदा जोड़े बालिग होते हैं, इसलिए वे अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस से मदद ले सकते हैं। अगर आप उत्तर प्रदेश में हैं, तो आर्टिकल 226 के तहत इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुरक्षा की मांग की जा सकती है। पुलिस सुरक्षा मिलने से जोड़ा सुरक्षित रह सकता है और परिवार की धमकियों से बचा जा सकता है।


अपनी पसंद की शादी का अधिकार


सुप्रीम कोर्ट ने लता सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के मामले में साफ कहा है कि 18 साल से अधिक की लड़की और 21 साल से अधिक का लड़का अपनी पसंद से किसी से भी शादी कर सकते हैं। अगर परिवार वाले धमकाते हैं या नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें कानून के तहत सजा हो सकती है। यह कानून जोड़ों की आज़ादी और सुरक्षा सुनिश्चित करता है।


“ऑनर क्राइम” के खिलाफ सुरक्षा


अगर हमला परिवार की “इज्जत” के बहाने हुआ है, तो अदालत इसे बहुत गंभीरता से लेती है। पुलिस को इस स्थिति में जोड़े की सुरक्षा करनी होती है और आरोपी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी पड़ती है। ऐसा माना जाता है कि परिवार के दबाव में शादी रोकना या मारपीट होना किसी भी तरह से सही नहीं है।


तुरंत उठाए जाने वाले कदम


पसंद की शादी करने के बाद अगर आपको खतरा हो, तो सबसे पहले नजदीकी पुलिस स्टेशन जाएं और FIR दर्ज कराएं। साथ ही, मेडिकल रिपोर्ट, फोटो और गवाहों के जरिए सबूत इकट्ठा करें। अगर खतरा जारी है तो हाईकोर्ट में सुरक्षा के लिए याचिका डालें। जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगह या प्रोटेक्शन होम में भी रह सकते हैं।


याद रखें


अगर लड़का 21+ और लड़की 18+ साल की है और शादी वैध है, तो परिवार का उन्हें नुकसान पहुंचाने या अलग करने का कोई हक नहीं है।