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Period: पीरियड्स के दौरान पेट और कमर में दर्द क्यों होता है? जानें दर्द से राहत पाने के आसान उपाय

Period Pain Relief Tips: पीरियड्स के दौरान पेट दर्द और ऐंठन क्यों होती है, दर्द से राहत के लिए कौन-से उपाय अपनाए जा सकते हैं और किन लक्षणों में डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए? आइए NHS, Mayo Clinic और Healthline के अनुसार जानते हैं।
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Period Pain Causes, Period Pain Home Remedies

Period pain/ image credit freepik

Menstrual Cramps: पीरियड्स के दौरान पेट के निचले हिस्से में दर्द और ऐंठन होना काफी आम समस्या है। कुछ लोगों में यह दर्द हल्का होता है, जबकि कुछ लोगों को दर्द और ऐंठन इतनी ज्यादा होती है कि रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, कुछ लोगों को कई बार दर्द कमर और जांघों तक भी महसूस हो सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं, पीरियड्स के दौरान दर्द और असहजता को कम करने के लिए किन आदतों को अपनी डेली रूटीन में शामिल किया जा सकता है और किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

पीरियड्स के दौरान दर्द क्यों होता है?

Mayo Clinic के अनुसार, पीरियड्स के दौरान गर्भाशय अपनी अंदरूनी परत को बाहर निकालने के लिए सिकुड़ता है। इस प्रक्रिया के चलते दर्द और ऐंठन महसूस हो सकती है। इसके अलावा NHS के अनुसार, पीरियड्स का दर्द आमतौर पर पीरियड शुरू होने से पहले या शुरुआत में महसूस हो सकता है। यह पेट के निचले हिस्से में ऐंठन या लगातार दर्द के रूप में हो सकता है और कभी-कभी कमर और जांघों तक भी फैल सकता है।

पीरियड्स दर्द से राहत पाने के लिए क्या करें?

अगर पीरियड्स के दौरान हल्का या सामान्य दर्द हो रहा है, तो रोजमर्रा की कुछ आदतों में बदलाव करके असहजता कम करने में मदद मिल सकती है।

  • सिकाई करें NHS के अनुसार, पेट के निचले हिस्से पर गर्म पानी की बोतल या हीट पैड रखने या गुनगुने पानी से नहाने से दर्द में राहत मिल सकती है। ध्यान दें, हीट पैड को हमेशा कपड़े में लपेटकर इस्तेमाल करें।
  • एक्सरसाइज करें NHS के अनुसार, वॉकिंग, साइकिलिंग, स्विमिंग और योग जैसी हल्की एक्सरसाइज करने से दर्द कम हो सकता है। लेकिन अगर इन्हें करने पर दर्द बढ़ता है, तो एक्सरसाइज न करें।
  • मसाज करें NHS के अनुसार, पेट और कमर की हल्की मसाज से दर्द में राहत मिल सकती है। लेकिन ध्यान दें, मसाज करते समय ज्यादा दबाव न डालें।
  • आराम करेंHealthline के अनुसार, पीरियड साइकिल के दौरान हार्मोन में बदलाव होते हैं। इसका असर मूड और ऊर्जा पर पड़ सकता है। थकान होने पर पर्याप्त नींद और आराम करें।
  • पीरियड साइकिल ट्रैक करें Healthline के अनुसार, पीरियड साइकिल को ट्रैक कर पीरियड की तारीख, ब्लीडिंग, दर्द और दूसरे लक्षण नोट करें। इससे अपने पीरियड पैटर्न को समझने में मदद मिल सकती है।
  • पीरियड साइकिल के हिसाब से काम करें Healthline के अनुसार, मासिक धर्म चक्र के अलग-अलग चरणों में हार्मोन बदलते हैं। इससे ऊर्जा और मूड पर असर पड़ सकता है। ऊर्जा कम हो तो आराम और हल्के काम करें। ऊर्जा ज्यादा हो तो बडे काम कर सकती हैं। हालांकि, हर व्यक्ति का मासिक धर्म चक्र अलग होता है। इसलिए अपने शरीर के अनुभव और पैटर्न को समझना जरूरी है।
  • शराब और स्मोकिंग से बचें NHS के अनुसार, शराब का सेवन कम करना और स्मोकिंग से बचना पीरियड्स के दर्द को कम करने में मदद कर सकता है।

पीरियड्स दर्द के दूसरे कारण

पीरियड्स के दौरान दर्द होना आम बात है। लेकिन अगर दर्द बहुत ज्यादा है, लंबे समय तक रहता है या समय के साथ बढ़ रहा है, तो इसके पीछे कोई स्वास्थ्य समस्या भी हो सकती है। एनएचएस (NHS) के अनुसार, पीरियड्स में तेज दर्द के पीछे एंडोमेट्रियोसिस, एडिनोमायोसिस, गर्भाशय में फाइब्रॉइड्स या पेल्विक इंफ्लेमेटरी परेशानियां भी हो सकती हैं। इसलिए हर महीने होने वाले बहुत तेज दर्द को केवल सामान्य पीरियड्स का दर्द मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

डॉक्टर को कब दिखना चाहिए?

कभी-कभार पीरियड्स के दौरान दर्द होना आम बात हो सकती है। लेकिन अगर पीरियड्स दर्द के चलते आपकी रोजमर्रा की जिंदगी, पढ़ाई या काम प्रभावित होने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा, अगर पीरियड्स पहले की तुलना में ज्यादा दर्दनाक हो गए हैं, पीरियड्स ज्यादा भारी या अनियमित हो गए हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर जागरूकता के उद्देश्य से तैयार की गई है। यह किसी भी प्रकार से डॉक्टर की सलाह या उपचार का विकल्प नहीं है।