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Ram Navami Bhog List: रामलला के जन्मोत्सव पर क्या लगाएं भोग? यहां है हलवा-पूरी से लेकर पंजिरी तक की पूरी लिस्ट!

Ram Navami Bhog List: आज के स्टोरी में हम बताने जा रहे हैं कि रामलला के जन्मोत्सव पर क्या-क्या भोग लगाया जा सकता है, जिससे आइडिया लेकर आप अपनी तैयारी कर सकते हैं।

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Ram Navami Bhog

Ram Navami Bhog | image credit gemini

Ram Navami Bhog List: राम जन्मोत्सव की जोरों-शोरों से तैयारियां चल रही हैं। मंदिरों से लेकर घरों तक, सभी लोग रामनवमी की शुभकामनाएं देने के साथ-साथ रामलला के जन्म का इंतजार कर रहे हैं। एक तरफ जहां लोग जन्मोत्सव की तैयारियों में लगे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ भोग की तैयारियों में भी जुटे हुए हैं। ऐसे में अगर आप पहली बार राम जन्मोत्सव मना रहे हैं और आपको समझ में नहीं आ रहा है कि भोग के लिए क्या-क्या तैयार करें, तो हमारी आज की स्टोरी आपके काम आ सकती है। आज के स्टोरी में हम बताने जा रहे हैं कि रामलला के जन्मोत्सव पर क्या-क्या भोग लगाया जा सकता है, जिससे आइडिया लेकर आप अपनी तैयारी कर सकते हैं।

हलवा, पूरी और काला चना

नवरात्रि के नौवें दिन कन्या पूजन के लिए या माता रानी को भोग लगाने के लिए हलवा, पूरी और काला चना जरूर बनता है। ऐसे में रामलला के जन्म के बाद आप इन्हें भोग लगाकर प्रसाद के रूप में बांट सकते हैं। उत्तर भारत में विशेष रूप से प्रसाद के रूप में आटे का हलवा, पूरी और काले चने काफी लोकप्रिय हैं। शुद्ध घी में भुना हुआ आटे का हलवा और मसालों के साथ तैयार किए गए काले चने एक संपूर्ण और तृप्तिदायक भोग माना जाता हैं।

पंजीरी

अगर आप इस साल अपने घर पर रामलला का जन्मोत्सव मनाने का सोच रहे हैं, तो आप प्रसाद के रूप में बांटने के लिए पंजीरी भी बना सकते हैं। घी में भुने आटे और सूखे मेवों के मिश्रण से बनी पंजीरी भगवान कृष्ण को बेहद प्रिय है। चूंकि भगवान कृष्ण और भगवान राम दोनों ही विष्णु भगवान के अवतार माने जाते हैं, इसलिए भोग लगाने के लिए यह एक अच्छा विकल्प है।

पीले चावल

भगवान विष्णु का प्रिय रंग पीला होता है। ऐसे में आप राम जन्मोत्सव में पीले चावल या केसरिया भात जरूर बनाएं। इसका उपयोग शुभ अवसरों और पूजा-पाठ में प्रमुखता से किया जाता है।

खीर

मिठास और शुद्धता के प्रतीक के रूप में चावल की खीर का विशेष स्थान है। दूध, चीनी और सूखे मेवों से बनी यह खीर भक्ति का रस घोलती है।

पंचामृत

हिंदू धर्म में कोई भी पूजा-पाठ पंचामृत के बिना अधूरा माना जाता है। ऐसे में आप रामलला के जन्मोत्सव पर दूध, दही, शहद, शक्कर और घी से मिलकर बनने वाला पंचामृत जरूर बनाएं। यह किसी भी पूजा का अनिवार्य हिस्सा है, जिसे सबसे पवित्र पेय माना जाता है।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

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