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Ram Navami Special Panchamrit Recipe: राम जन्मोत्सव के लिए यहां बताई गई विधि से तैयार करें पंचामृत, घर में आएगी सुख-समृद्धि

Ram Navami Special Panchamrit Recipe: आज के इस लेख में हम पंचामृत बनाने की विधि रामनवमी के लिए विस्तार से बताने जा रहे हैं।
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Panchamrit Recipe | image credit gemini

Ram Navami Special Panchamrit Recipe: आज पूरे देश में रामनवमी का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। खासकर अयोध्या में इसकी धूम देखने लायक है। वहीं, घरों में भी लोग राम लला का स्वागत करने के लिए जोरों-शोरों से तैयारियों में जुटे हैं। जैसे ही दोपहर के 12 बजेंगे, भक्त मंगल गीतों के साथ राम लला का जन्मोत्सव मनाएंगे। ऐसे में अगर आप भी राम लला के जन्मोत्सव की तैयारियों में जुटे हैं और आपने बाकी सारी तैयारी कर ली है, लेकिन मुख्य भोग पंचामृत अभी तक नहीं बनाया है, तो आप यहां बताए गए तरीके से इसे बड़े ही आसानी से बना सकते हैं। आज के इस लेख में हम पंचामृत बनाने की विधि विस्तार से बताने जा रहे हैं।

पंचामृत बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

पंचामृत तैयार करने के लिए आपको आवश्यकता होगी

  • गाय का कच्चा दूध: 1 कप
  • ताजा दही: 1/2 कप
  • शहद: 1 बड़ा चम्मच
  • शुद्ध घी: 1 छोटा चम्मच
  • शक्कर या मिश्री: 2 बड़े चम्मच
  • तुलसी के पत्ते: 5-7

इन स्टेप्स को फॉलो कर बनाएं पंचामृत

पंचामृत बनाने के लिए सबसे पहले एक साफ बर्तन में दही लेकर उसे हल्का सा फेंट लें, ताकि वह दूध के साथ आसानी से मिल जाए। इसके बाद इसमें कच्चा दूध मिलाएं और फिर शहद, शक्कर व घी को एक-एक करके डालते हुए सारी चीजों को अच्छे से मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें। अब आप चाहें तो इसमें कटे हुए मखाने और मेवे भी डाल सकते हैं। सबसे अंत में तुलसी के पत्ते जरूर शामिल करें। ध्यान दें, भगवान विष्णु को बिना तुलसी के भोग स्वीकार्य नहीं होता है और चूंकि भगवान श्री राम भी विष्णु जी के ही अवतार हैं, इसलिए इसमें तुलसी दल अवश्य डालें।

पंचामृत का महत्व

पंचामृत का शाब्दिक अर्थ पांच अमृतों का मिश्रण होता है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, इसे बनाने में उपयोग की जाने वाली पांचों वस्तुएं मनुष्य जीवन के अलग-अलग गुणों को दर्शाती हैं। इसमें दूध आत्मा की शुद्धता और सात्विकता का प्रतीक है, तो वहीं दही धैर्य और स्थिरता की प्रेरणा देता है। घी शरीर को बल और स्नेह प्रदान करता है, जबकि शहद जीवन में मधुरता और वाणी में मिठास लाने का संदेश देता है। वहीं, शक्कर का उपयोग जीवन में आनंद और प्रसन्नता घोलने के लिए किया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इन पांचों तत्वों के मिश्रण से बना पंचामृत न केवल देवताओं को तृप्त करता है, बल्कि इसे ग्रहण करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है।