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फूटी कौड़ी से डिजिटल रुपये तक: RBI के जन्मदिन पर जानें कैसे बदल गया आपकी जेब में रखा पैसा

RBI Foundation Day 2026: आज के इस लेख में आइए जानते हैं विस्तार से कि हमारे देश के पैसों ने आने और पाई के जमाने से लेकर आज के डिजिटल नोट तक का सफर कैसे तय किया।

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RBI Foundation Day 2026

RBI Foundation Day 2026| image credit gemini

RBI Foundation Day 2026: क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी जेब में रखा वो 500 का नोट सिर्फ एक कागज का टुकड़ा क्यों नहीं है? उस पर लिखे एक छोटे से वचन और गवर्नर के साइन में ऐसी क्या पावर है कि पूरी दुनिया उसे मानती है? इसके साथ ही मिट्टी की गुल्लकों में खनकने वाली फूटी कौड़ी और पाई से शुरू हुआ यह सफर आज मोबाइल फोन के डिजिटल वॉलेट (e₹) तक कैसे पहुंच गया है?
इन सबके पीछे सबसे बढा हाथ है जिसका है उसका आज के दिन ही यानी 1 अप्रैल, 1935 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की स्थापना हुआ था। इस मौके पर चलिए आज के इस लेख में जानते हैं विस्तार से कि हमारे देश के पैसों ने आने और पाई के जमाने से लेकर आज के डिजिटल नोट तक का सफर कैसे तय किया।

फूटी कौड़ी की भी कीमती थी

आपने कभी ना कभी किसी को ये कहते तो जरुर सुनी होगी एक फूटी कौड़ी भी नहीं दूंगा! असल में यह एक ताना या मुहावरा नहीं बल्कि, पुराने जमाने में ये कौडियां ही हमारी करेंसी हुआ करती थीं। फिर दौर आया आने और पाई का। आपको जानकर हैरानी होगी की पहले के दिनों में 1 रुपये में 100 पैसे नहीं, बल्कि 16 आने होते थे। और एक आना भी 12 पाइयों में बंटा होता था। हिसाब इतना टेढ़ा था कि आज के कैलकुलेटर भी फेल हो जाएं। इसलिए सरकार ने 1957 में सब आसान कर दिया और हम नये पैसे यानी 1 रुपये 100 पैसे वाले सिस्टम पर आ गए। आज वो 10 पैसे, 25 पैसे और 50 पैसे के सिक्के भले ही गुल्लक से गायब हो गए हों, पर उनकी यादें आज भी ताजा हैं।

नोटों के भी बदलें इतिहास

आजादी के तुरंत बाद नोटों पर अंग्रेजों के राजा की फोटो हटाकर अशोक स्तंभ लगाया गया। फिर 1996 में एक बड़ा बदलाव आया और नोटों पर महात्मा गांधी की फोटो दिखने लगी। इसके बाद 2016 की नोटबंदी के बाद से रंग बिरंगे नोट आ गए।

गवर्नर का साइन

नोट पर एक लाइन लिखी होती है "मैं धारक को... रुपये अदा करने का वचन देता हूं।" इसके नीचे होते हैं RBI गवर्नर के साइन। यही वो साइन है जो एक कागज को पैसा बनाता है। अगर गवर्नर साइन न करे, तो वो नोट रद्दी के बराबर है। नोटो से जुड़ा एक मजेदार फैक्ट ये है कि ₹2 से लेकर ₹500 तक के नोटों पर तो गवर्नर साइन करते हैं, लेकिन ₹1 के नोट पर देश के फाइनेंस सेक्रेटरी के साइन होते हैं।

ई रुपया (e₹) है भविष्य की करेंसी

समय के साथ बदलते जमाने की वजह से अब भारतीय करेंसी भी बदल गई हैं। इसलिए RBI ने अपना डिजिटल रुपया लॉन्च कर दिया है। यह कोई बिटकॉइन नहीं है, बल्कि सरकार का अपना डिजिटल नोट है। इसे आप अपने फोन में रख सकते हैं और बिना इंटरनेट के भी पेमेंट करने की सुविधा पर काम चल रहा है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सामान्य सूचनाओं और ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है। यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है। किसी भी वित्तीय निर्णय या आधिकारिक जानकारी के लिए कृपया भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आधिकारिक वेबसाइट और दिशा-निर्देशों का ही पालन करें।