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जल्दी करें! अप्रैल के बाद नहीं दिखेगा जयपुर का ‘गुलाबी जादुई’ नजारा, मिस न करें आखिरी बार देखने का मौका!

सांभर झील जयपुर: आज के इस लेख में हम जयपुर से कुछ ही घंटों की दूरी पर मौजूद एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे देखने के बाद आपको अपनी आंखों पर यकीन नहीं होगा और आपके मुंह से बस एक ही बात निकलेगी “शायद इसीलिए जयपुर को पिंक सिटी कहा जाता है।” आइए जानते हैं इस जगह के बारे में विस्तार से।

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Sambhar Lake Jaipur

Sambhar Lake Jaipur| image credit gemini

Sambhar Lake Jaipur: अगर आप समर वेकेशन की प्लानिंग कर रहे हैं और जयपुर की गलियों और किलों को देखने के लिए पैसे खर्च करने वाले हैं, तो जरा एक मिनट रुक जाइए। किले और महल तो आप बाद में भी देख सकते हैं, लेकिन इस वक्त शहर की भीड़भाड़ से दूर एक बेहद शांत और खूबसूरत जगह आपका इंतजार कर रही है। जयपुर घूमने आने वाले यात्रियों में से कुछ किस्मत वाले लोग ही इस जादुई जगह को देख पाते हैं। आपके पास इस साल का यह आखिरी मौका है उस 'लकी ट्रैवलर' बनने का।
अगर आप भी इस खास अनुभव का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो हमारी यह स्टोरी आपकी मदद कर सकती हैं। आज के इस लेख में हम जयपुर से कुछ ही घंटों की दूरी पर मौजूद एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे देखने के बाद आपको अपनी आंखों पर यकीन नहीं होगा और आपके मुंह से बस एक ही बात निकलेगी “शायद इसीलिए जयपुर को पिंक सिटी कहा जाता है।” आइए जानते हैं इस जगह के बारे में विस्तार से।

हर साल यहां आते हैं हजारों विदेशी मेहमान


जयपुर से करीब 80 कि.मी. दूर स्थित सांभर झील इस समय पूरी तरह गुलाबी रंग में रंगी हुई है। यहां हजारों की संख्या में आए पिंक फ्लेमिंगो अपनी खूबसूरती बिखेर रहे हैं। चूंकि गर्मी शुरू होते ही ये पक्षी वापस लौट जाते हैं, इसलिए इन्हें देखने का यह आखिरी मौका है।
बता दें कि हर साल सर्दियों में हजारों फ्लेमिंगो और अन्य प्रवासी पक्षी बहुत दूर के देशों से यहां आते हैं। झील का खारा पानी उनके लिए खास भोजन देता है, जिसे खाकर इन पक्षियों का गुलाबी रंग और भी गहरा हो जाता है। मार्च के अंत और अप्रैल की शुरुआत तक यहां का नजारा देखने लायक होता है, लेकिन जैसे ही तापमान बढ़ता है और पानी कम होने लगता है, ये पक्षी वापस जाना शुरू कर देते हैं। अगर आप अभी जयपुर जा रहे हैं, तो इस झील को जरूर देखें, वरना फिर आपको अगले साल तक का इंतजार करना पड़ेगा।

फोटोग्राफी के शौकीनों लोगों के लिए जन्नत


सांभर झील भारत की सबसे बड़ी जमीन के अंदर वाली खारे पानी की झील है, जहां से देश के कुल नमक उत्पादन का करीब 9% हिस्सा आता है। यह झील न केवल बिजनेस के लिए, बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी मशहूर है। घूमने वालों के लिए तो सांभर झील किसी वंडरलैंड से कम नहीं है। यहां सफेद नमक की चादर पर जब सुबह और शाम के सूरज की रोशनी पड़ती है, तो नजारा अद्भुत हो जाता है। लोग अक्सर इन पक्षियों की झुंड वाली उड़ान को अपने कैमरों में कैद करने के लिए यहां घंटों बिताते हैं। ये पक्षी यहां सिर्फ खाने की तलाश में नहीं आते, बल्कि अपनी पूरी टोली के साथ मस्ती भी करते हैं। इन्हें झुंड में तैरते देखना मन को बहुत शांति देता है। अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं, तो यहां की ताजी हवा और परिंदों का शोर आपको एक अलग ही दुनिया का अहसास कराएगा।

ट्रैवल से जुड़ी जरूरी जानकारी (Quick Travel Guide)


अगर आप सांभर झील जाने का मन बना रहे हैं, तो ये बातें नोट कर लें-

कैसे पहुंचें: जयपुर से सांभर झील की दूरी लगभग 80 किलोमीटर है। आप जयपुर से टैक्सी ले सकते हैं या अपनी कार से जयपुर-अजमेर हाईवे के रास्ते करीब 2 घंटे में पहुंच सकते हैं। सबसे पास का रेलवे स्टेशन सांभर साल्ट लेक है।

सही समय: पक्षियों को देखने के लिए सुबह 6:00 से 9:00 बजे या शाम को 4:00 से 6:00 बजे का समय सबसे अच्छा है। दोपहर में यहां धूप काफी तेज हो जाती है।

क्या साथ रखें: क्योंकि यह पूरा खुला इलाका है, इसलिए अपने साथ सनग्लासेस, टोपी और पानी की बोतल जरूर रखें। पक्षियों को करीब से देखने के लिए दूरबीन और अच्छी फोटो के लिए जूम लेंस वाला कैमरा ले जाना न भूलें।

क्या देखें: यहां आप शाकंभरी माता मंदिर (Shakambhari Mata Mandir) के दर्शन कर सकते हैं, जो झील के बीच में स्थित है। इसके अलावा, पुरानी साल्ट ट्रेन की पटरियां और साल्ट म्यूजियम भी देखने लायक हैं।

कहां रुकें: ज्यादातर लोग जयपुर से एक दिन की यात्रा (Day Trip) करते हैं, लेकिन अगर आप रुकना चाहें, तो यहां कुछ अच्छे रिसॉर्ट्स और कैंपिंग साइट्स भी हैं, जहां आप रात में तारों भरा आसमान देख सकते हैं।

ध्यान दें: यह एक संवेदनशील इलाका है। कृपया झील के पास कचरा न फैलाएं और पक्षियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें, ताकि इन मेहमानों को कोई परेशानी न हो।