
आखिर क्या सीक्रेट है फिनलैंड के लोगों की खुशी का...
World's Happiest Country, Finland : हाल ही में प्रकाशित 'वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट' के अनुसार फिनलैंड ने लगातार छठे वर्ष में दुनिया के सबसे खुशहाल देश के रूप में अपना स्थान बनाए रखा है। फिनिश फिलोसोफर और साइकोलॉजी रिसर्चर फ्रैंक मार्टेला, जो फंडामेंटल्स ऑफ़ हैप्पीनेस की स्टडी करते हैं, ने अपने ब्लॉग में 20 मार्च को प्रकाशित हुए वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट की वार्षिक रैंकिंग शेयर करते हुए एक पोस्ट साझा की। इस ब्लॉग में उन्होंने इस बात का खुलासा किया है की क्या कारण है की फ़िनलैंड लगातार दुनिया का सबसे खुशहाल देश है। रिसर्चर फ्रैंक मार्टेला का कहना है की 'फ़िनलैंड दुनिया का सबसे खुशहाल देश है' कहने के बजाय ऐसा कहना सही होगा कि 'फिनलैंड वह देश है जहां सबसे कम आबादी दुखी है।' उन्होंने आगे लिखा की 'इस बात का क्रेडिट की यहां के लोग कम दुखी है यहां के संस्थानों (institutions ) को देना होगा। वर्ल्ड हैप्पीएस्ट कंट्री लोगों को खुश करने के बारे में नहीं है बल्कि उनके दुख के सोर्स को हटाने के बारे में है।'
लोगों को खुश करने की नहीं, उनके दुख मिटाने की है जरूरत : कोई भी सरकार देश के सिटिजंस को खुश नहीं कर सकती है। लेकिन उन सिटिजंस को ऐसी संस्थाएं (institutions), सुविधाएं और सेवाएं (services) दे सकती हैं जो सही ढंग से और अच्छा काम करने में सक्षम हो। इस तरह की संस्थाएं जो सिन्सियर होकर सुचारु रूप से अपना काम करे वे लोगों के जीवन से दुख के कई सोर्स को दूर कर सकती हैं।
उन्होंने आगे कहा की फ़िनलैंड दुनिया में सबसे ज़्यादा खुश देश इसलिए नहीं है क्योंकि फिनलैंड में दूसरे देशों की तुलना में अधिक खुश लोग है बल्कि यह देश इसलिए खुश है क्योंकि यहां के संस्थान लोगों की इतनी अच्छी तरह से सेवा करते हैं। यही कारण है की फिनलैंड और अन्य नॉर्डिक देशों में दुनिया के दूसरे देशों के मुकाबले में लोग कम दुखी हैं।
यह भी पढ़ें : शरीर की बैटरी करें रिचार्ज, बेहतर नींद के लिए अपनाएं यह टिप्स
क्या काम करती हैं यहां की संस्थाएं : इस देश में लोग अपने लाइफ चैलेंजेज के समय अपनी देखभाल के लिए इन संस्थाओं पर भरोसा करते हैं। यह संस्थाएं स्वास्थ्य देखभाल, मुफ्त शिक्षा, बेरोजगारों को भुगतान और पेंशन और भी अन्य सुविधाओं से अपने सिटिजंस की देखभाल करते हैं।
बेशक पूरी तरह से नहीं, लेकिन दुनिया में लगभग किसी और देश से कई बेहतर सेवाएं यहां मिलती है। फ़िनलैंड में संस्थान अपना काम करती हैं। लोगों को लगता है कि उनकी आवाज़ सुनी जाती है, और संस्थान वही देती हैं जो उन्हें देना चाहिए।
इसके अलावा भ्रष्टाचार की कमी, प्रेस की स्वतंत्रता, कानून के शासन, या लोकतंत्र की गुणवत्ता पर रैंकिंग को देखते हुए, फ़िनलैंड और अन्य नॉर्डिक देश लगातार दुनिया में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले देशों में से हैं। इससे पता चलता है कि खुशहाल देश वो है जहां लोगों को सुविधाएं मिले और वहां की संस्थाएं सुचारु रूप और लगन से काम करें।
यह भी पढ़ें : गर्मी में शुगर कंट्रोल में रखने के लिए डायबिटीज के मरीज ट्राई करें ये ड्रिंक्स
Updated on:
22 Mar 2023, 6:57 AM IST
Published on:
21 Mar 2023, 11:55 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.