
90 Percent Patients Likely to have Heart Problems after Corona Virus
कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को अपनी मुट्ठी में कर लिया है। कोरोना वायरस से संक्रमित हो जाने के बाद लोगों में अन्य रोग के बीमारियों के लक्षण भी देखने को मिल रहे हैं। कोविड से संक्रमित मरीजों में दिल का दौरा पड़ने जैसी बीमारी सबसे ज्यादा देखी जा रही है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि मध्यम से गंभीर संक्रमण वाले लगभग 90 प्रतिशत लोगों के हृदय पर इसका स्थायी प्रभाव पड़ता है। वैसे को कोरोना सबसे ज्यादा फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन ताजा अध्ययन में यह बात सामने आई है कि कोविड के कारण हृदय संबंधी जटिलताओं के मामले भी बढ़ रहे हैं। फेफड़ों को प्रभावित करने के साथ ही कोरोना दिल की धड़कन भी कम कर रहा है। सामान्य तौर पर बुखार में हार्ट बीट बढ़ जाती है, लेकिन कोरोना के तमाम मरीजों की धड़कन कम होने की शिकायत मरीजों में देखी जा रही है। इतना ही नहीं दिल के मरीजों में हार्ट ब्लॉकेज बढ़ने के भी लक्षण मिले हैं।
हार्टबीट कम होने का खतरा
लोहिया संस्थान कार्डियोलॉजी से डॉ. भुवन चंद्र तिवारी ने कहा, कई केस में मरीजों की हार्टबीट कम थी लेकिन जांच में वे कोविड पॉजिटिव मिले। ज्यादातर मरीजों को अलग से कोई दवा देने की जरूरत नहीं पड़ती। धीरे-धीरे उनकी रिकवरी हो जाती है। जो लोग पहले से दिल की बीमारी संबंधी दवाएं ले रहे हैं, उन्हें सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि उनमें ब्लॉकेज का खतरा रहता है। सभी रोगियोंं में से जो गंभीर से मध्यम स्तर पर कोविड के पीड़ित हैं, उनमें से 80 से 90 प्रतिशत में हृदय की दिक्कत देखने को मिली है।
मांसपेशियों में सूजन
एसजीपीआई से डॉ. उमेश त्रिपाठी कहते हैं कि कोविड के उम्रदराज मरीजों में फेफड़े के साथ मांसपेशियों में सूजन आ जाती है। इससे हार्ट पर जोर पड़ता है। कुछ मरीजों में धड़कन कम होती है तो कुछ में बढ़ने का खतरा भी रहता है। कोविड मरीजों में पोटेशियम भी कम होता है। यह भी हार्ट संबंधित बीमारी का कारण होता है।
अच्छा आहार, व्यायाम और आराम जरूरी
हृदय स्वास्थ्य को ठीक करने के लिए अच्छा आहार, व्यायाम और आराम जरूरी है। डॉक्टर ने कहा कि दिल को स्वस्थ रखने के लिए एक आदर्श वजन बनाए रखना, कैलरी बर्न करना, व्यायाम करना और धूम्रपान से बचना जरूरी है।
Published on:
04 Feb 2022 07:00 am
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