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UP: 2026 में कौन से 4 नए एक्सप्रेस-वे होंगे शुरू? समय और पैसे दोनों की बचत होना तय! इन जिलों से सीधी कनेक्टिविटी

New Expressways Likely To Start In 2026: साल 2026 में 4 नए एक्सप्रेस-वे शुरू हो सकते हैं। ये एक्सप्रेस-वे व्यापार, उद्योग और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार देंगे।

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लखनऊ

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Harshul Mehra

Jan 07, 2026

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2026 में कौन से नए एक्सप्रेस वे हो सकते हैं शुरू? फोटो सोर्स-AI

New Expressways Likely To Start In 2026: 2026 में उत्तर प्रदेश में सफर काफी आसान होने वाला है। साथ ही लोगों के पैसे और समय की भी बचत हो सकती है। साल 2026 में राज्य की कनेक्टिविटी के लिए एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 4 नए एक्सप्रेस-वे 2026 में शुरू होने की उम्मीद है।

Ganga Expressway 2026: मेरठ से प्रयागराज

करीब 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे मेरठ से प्रयागराज तक का सफर बेहद आसान बना देगा। यह करीब 37,000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। जनवरी 2026 में ही इसके शुरू होने की संभावना है। जिससे 12 जिलों के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।

इस एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद जो सफर पहले 10-12 घंटे में तय होता था, अब वह केवल 6-7 घंटे में पूरा हो जाएगा। 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों और 29 गांवों से होकर गुजरता है। यह एक्सप्रेस-वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को सीधे पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ता है। इसके माध्यम से मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रयागराज जैसे जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। यह परियोजना इन क्षेत्रों के विकास की धुरी बनने जा रही है।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे (Lucknow-Kanpur Expressway)

लखनऊ और कानपुर के बीच का सफर भी अब सुहाना होने वाला है। जहां 63 किलोमीटर लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे अप्रैल 2026 तक शुरू की संभावना है । यह 6 लेन का एक ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट है। इसके बनने से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय जो अभी करीब 2 घंटे लगता है, वह घटकर मात्र 40- 45 मिनट रह जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे कानपुर के गंगा ब्रिज के पास स्थित आजाद चौराहे को लखनऊ के शहीद पथ से जोड़गा। जिससे मेरठ और प्रयागराज तक जाना और भी आसान हो जाएगा।

गाजियाबाद-कानपुर एक्सप्रेस-वे (Ghaziabad-Kanpur Expressway)

उत्तर प्रदेश को औद्योगिक केंद्रों से जोड़ने के लिए गाजियाबाद-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर भी काम काफी तेजी से चल रहा है। यह लगभग 380 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे होगा, जो नोएडा और गाजियाबाद से शुरू होकर कानपुर तक जाएगा। ये उत्तर प्रदेश के 9 जिलों को जोड़ेगा। यह जेवर एयरपोर्ट (नोएडा) को भी जोड़ेगा।

साल 2026 में इसके तैयार होने से व्यापारियों और छोटे उद्योगों को बड़ा सहारा मिलेगा। जहां 8 घंटे का सफर होता था वह घटकर करीब साढ़े 5 घंटे का रह जाएगा। साथ ही पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस-वे (Varanasi-Kolkata Expressway)

वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस-वे (NH-319B) भारतमाला परियोजना के तहत लगभग 610 किमी लंबा बनाया जा रहा है। यह 6 लेन एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश को बिहार और झारखंड के रास्ते सीधे पश्चिम बंगाल से जोड़ेगा। हालांकि इसका पूरा काम 2027 तक होने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन 2026 में इसके कुछ हिस्सों के शुरू होने की उम्मीद है। इससे वाराणसी और कोलकाता के बीच यात्रा का समय 12-14 घंटे से घटकर लगभग 7 घंटे हो जाएगा। जिससे व्यापार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।