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बसपा के बाद सपा-रालोद ने शुरू की अपनी अपनी पार्टी की सर्जरी

New Target विधानसभा चुनाव के बाद अब यूपी में सरकार बनाने की तैयारी हो रही है। संभवत: 21 मार्च तक सरकार बन जाए। भाजपा अपने नए टारगेट की तैयारी कर रही है तो विधानसभा चुनाव के बाद दूसरे अन्य दलों ने अपने अंदर सर्जरी शुरू कर दी है।

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बसपा के बाद सपा-रालोद ने शुरू की अपनी अपनी पार्टी की सर्जरी

बसपा के बाद सपा-रालोद ने शुरू की अपनी अपनी पार्टी की सर्जरी

विधानसभा चुनाव के बाद अब यूपी में सरकार बनाने की तैयारी हो रही है। संभवत: 21 मार्च तक सरकार बन जाए। भाजपा अपने नए टारगेट की तैयारी कर रही है तो विधानसभा चुनाव के बाद दूसरे अन्य दलों ने अपने अंदर सर्जरी शुरू कर दी है। बसपा के बाद अब रालोद ने कड़ा फैसला लेते हुए अपनी सभी इकाइयां को भंग कर दिया है। इसके साथ ही अपने वोटबैंक को बरकरार रखने के लिए समाजवादी पार्टी भी संगठन की ओवरहालिंग में जुट गई है। अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय लोक दल के साथ गठबंधन कर अपनी किस्मत आजमाई, बावजूद इसके उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसी बीच रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने एक बड़ा फैसला लिया है। पार्टी अध्यक्ष के निर्देशानुसार रालोद यूपी के प्रदेश, क्षेत्रीय, जिला व सभी फ्रंटल संगठनों को भंग कर दिया गया है। रालोद के आधिकारिक पेज से जानकारी दी गई। रालोद की तरफ से कहा गया कि, रालोद राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह के निर्देशानुसार रालोद उत्तर प्रदेश के प्रदेश, क्षेत्रीय और जिला व सभी फ्रंटल संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाता है।

बढ़ते ग्राफ को बरकरार रखने की सपा की कोशिश

चुनाव 2022 में सपा का वोटबैंक 21.82 फीसदी से बढ़कर 32 फीसदी पर पहुंच गया है। विधायकों की संख्या भी 47 से बढ़कर 111 हो गई है। इस चुनाव में अखिलेश यादव पार्टी के अकेले नेतृत्वकर्ता की भूमिका में रहे। ऐसे में माना जा रहा है कि वोटबैंक में हुई बढ़ोतरी अखिलेश के चेहरे की बदौलत हुई है। पार्टी की कोशिश है कि इस ग्राफ को बरकरार रखा जाए। क्योंकि इसी वर्ष नगर निकाय चुनाव भी होने हैं।

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चुनाव 2022 में रालोद को मिलीं आठ सीटें

इस चुनाव में बीजेपी गठबंधन को कुल 273 विधानसभा सीटें, सपा गठबंधन को कुल 125 सीटें मिली हैं, हालांकि राष्ट्रीय लोकदल को केवल आठ सीट तो वहीं सुभासपा को केवल छह सीट पर ही संतोष करना पड़ा।

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