
लखनऊ. समाजवादी पार्टी अकेले दम पर 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने साफ करते हुए कहा कि कांग्रेस और सपा का गठबंधन सिर्फ विधानसभा चुनाव तक ही था। निकाय चुनाव में दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से उनकी दोस्ती है, उनकी पार्टी से नहीं।
सपा अकेले लड़ेगी चुनाव : राजेंद्र चौधरी
समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिये यूपी की सभी 80 सीटों पर दमदार और जिताऊ प्रत्याशियों की तलाश जोर-शोर से शुरू कर दी है। पार्टी की कोशिश को भाजपा का एकमात्र विकल्प के तौर पर पेश करने की कोशिश है। इसके अलावा पार्टी बूथ स्तर पर खुद को मजूबत करने में जुट गई है। सपा के राष्ट्रीय सचिव व पार्टी प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि यूपी की जनता के लिये समाजवादी पार्टी ही भाजपा का एकमात्र विकल्प है। कांग्रेस से गठबंधन पर उन्होंने कहा कि पार्टी लोकसभा की सभी 80 सीटों पर अपने उम्मीदवार ही उतारने की तैयारी कर रही है। अभी गठबंधन जैसी कोई बात नहीं है।
सपा अकेले चुनाव लड़ेगी : राजेंद्र चौधरी
मुलायम सिंह यादव और पार्टी के दिग्गज नेताओं के विरोध के बावजूद अखिलेश यादव कांग्रेस से गठबंधन के पक्षधर रहे हैं। हालांकि, अब वह गठबंधन से इनकार कर रहे हैं। जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट में विपक्षी एकता के लिए सपा द्वारा बुलाई गई बैठक में कांग्रेस के किसी भी प्रतिनिधि का आना भी इस बयान की वजह माना जा रहा है। कहा यह भी जा रहा है कि सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव की नसीहत भी एक वजह है कि लोकसभा चुनाव में सपा अकेले दम पर चुनाव लड़ना चाह रही है।
जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट में अखिलेश ने बुलाई थी बैठक
ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने और फूलपुर व गोरखपुर उपचुनाव के मुद्दे पर विपक्षी दलों की एकता के अखिलेश यादव ने एक मीटिंग बुलाई थी। यह मीटिंग जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट में बीते शनिवार को हुई थी। इस बैठक में न तो कांग्रेस पार्टी की ओर कोई प्रतिनिधि आया और न ही बसपा के किसी भी प्रत्याशी ने भाग लिया। तभी से सवाल उठने शुरू हो गये थे कि क्या कांग्रेस पार्टी का समाजवादी पार्टी से मोहभंग हो गया है?
रामगोपाल यादव ने भी दी नसीहत
सोमवार को विधायकों और कार्यकर्ताओं की बैठक में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव प्रो. रामगोपाल यादव साफ तौर पर कहा था कि सपा-कांग्रेस गठबंधन से समाजवादी पार्टी को ही नुकसान हुआ है। उन्होंने नसीहत देते हुए कहा था कि अगर 2022 का विधानसभा चुनाव जीतना है तो 2019 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतनी ही होंगी। उन्होंने कहा कि 2012 के यूपी विधानसभा चुनाव में पार्टी ने बिना गठबंधन के ही 224 सीटें जीती थीं।
अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं के दिए ये निर्देश
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए कार्यकर्ताओं को अभी से जुट जाना है। बूथ स्तर पर पार्टी को मजूबत किया जाएगा। भाजपा सरकार के 10 महीनों के कार्यकाल में ही यूपी की जनता का सरकार से मोहभंग हो गया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि 2022 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए अभी से तैयारियों में जुट जाना है। अखिलेश यादव ने कहा कि सपा कि साइकिल अब रुकने वाली नहीं है।
यह भी पढ़ें : तो क्या कांग्रेस का सपा से हो गया मोहभंग?
Updated on:
10 Jan 2018 12:30 pm
Published on:
10 Jan 2018 11:17 am
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
