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Akhilesh Yadav Target Yogi Government: अखिलेश यादव का बड़ा बयान: महिला आरक्षण और PDA पर BJP को सीधी चुनौती

Akhilesh Yadav statement: अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण, जातीय जनगणना और भाजपा पर तीखे हमले करते हुए PDA के जरिए 2027 में सत्ता परिवर्तन का बड़ा दावा किया।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Apr 21, 2026

अखिलेश का भाजपा पर हमला तेज (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

अखिलेश का भाजपा पर हमला तेज (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Akhilesh Yadav Targets BJP: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और महिला आरक्षण, जातीय जनगणना तथा भाजपा पर तीखे हमले करते हुए कई बड़े बयान दिए हैं, जिनसे सियासी माहौल और गरमा गया है।

महिलाओं के आरक्षण पर सपा का रुख

अखिलेश यादव ने स्पष्ट रूप से कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा से महिलाओं के आरक्षण के पक्ष में रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कोई आरक्षण को रोकना चाहता है, तो वह भारतीय जनता पार्टी है। उन्होंने कहा कि भाजपा की “बदनीयत” को समाजवादी लोग कभी सफल नहीं होने देंगे। उनके इस बयान को सीधे तौर पर हाल ही में महिला आरक्षण को लेकर चल रही राजनीतिक बहस से जोड़कर देखा जा रहा है।

पार्टी में शामिल हो रहे नए चेहरे

अखिलेश यादव ने इस दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोग समाजवादी पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि “पीडीए” (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के संघर्ष को मजबूत करने के लिए नए लोगों का जुड़ना बेहद महत्वपूर्ण है। उनका कहना था कि यह एक सामाजिक और राजनीतिक आंदोलन है, जो आने वाले समय में बड़ा बदलाव लाने की क्षमता रखता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे इस विचारधारा को मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से आगे आएं।

 लखनऊ पदयात्रा पर तंज

लखनऊ में हाल ही में आयोजित पदयात्रा पर भी अखिलेश यादव ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में पदयात्रा निकाली जा रही है, लेकिन कोई “काला चश्मा” तक नहीं लगाए हुए है। उन्होंने इसे विपक्ष में रहने की “प्रैक्टिस” बताते हुए कहा कि आंदोलन करना आसान नहीं होता और इसके लिए जमीनी स्तर पर संघर्ष करना पड़ता है। उनके इस बयान को राजनीतिक कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है।

PDA के जरिए सत्ता परिवर्तन का दावा

अखिलेश यादव ने दावा किया कि इतिहास में पहली बार ऐसा होगा जब एक बड़ा सामाजिक वर्ग एकजुट होकर एक दल को हराने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि यह वर्ग “पीडीए” है और यही आने वाले समय में सरकार बनाएगा। उनका मानना है कि सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए यह गठजोड़ बेहद जरूरी है और यही 2027 के विधानसभा चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

जातीय जनगणना का मुद्दा

जातीय जनगणना के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि जब भी जातीय जनगणना की मांग उठती है, तब हक, अधिकार और आरक्षण की बात सामने आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इसीलिए जनगणना कराने से बचती है, क्योंकि इससे सामाजिक असमानताओं का सच सामने आ जाएगा। यह मुद्दा लंबे समय से राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले चुनावों में भी अहम भूमिका निभा सकता है।

भाजपा पर सीधा हमला

अपने बयान में अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “भाजपा हारेगी भी और दोबारा सत्ता में नहीं आएगी।”उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग दूसरों का नाम बदलने का काम करते थे, उनका खुद का नाम बदल गया। यह बयान उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में दिया, जिसे राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा मिल रही है।

 राजनीतिक माहौल हुआ गरम

इन बयानों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में गर्मी और बढ़ गई है। एक तरफ जहां भाजपा महिला सशक्तिकरण और विकास के मुद्दों को लेकर अपनी रणनीति पर काम कर रही है, वहीं समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और PDA के मुद्दे को लेकर जनता के बीच जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयानबाजी आगामी चुनावों की तैयारी का हिस्सा है। दोनों प्रमुख दल अपने-अपने एजेंडे को जनता तक पहुंचाने में जुटे हैं और इसी के तहत आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

कार्यकर्ताओं में उत्साह

अखिलेश यादव के इन बयानों का असर पार्टी कार्यकर्ताओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है। उनके समर्थक इन मुद्दों को लेकर अधिक सक्रिय हो गए हैं और सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक अपनी बात रखने में जुटे हैं। पार्टी के भीतर भी नए सदस्यों के जुड़ने से उत्साह का माहौल है, जो आने वाले चुनावों में संगठन को मजबूती दे सकता है।