
Akshdeep
लखनऊ. महीने भर पहले सैयद मुश्ताक अली T20 ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश की टीम की बड़ी फजीहत हुई थी। टीम बुरी तरह हार कर एक तरह से कहें तो बेइज्जत होकर प्रतियोगिता से बाहर हुई थी। यूपीसीए के बुद्धिमान चयनकर्ताओं ने जूनियर लेवल से टीम को विभिन्न ट्रॉफी जिताते आते आ रहे अक्षदीप नाथ, मोहम्मद सैफ, जीशान अंसारी और उपेंद्र यादव को बड़ी बेरहमी से टीम से बाहर कर दिया था। इनमें से अक्षदीप नाथ, मोहम्मद सैफ और जीशान अंसारी जूनियर इंडिया खेल चुके हैं। अक्षदीप नाथ तो उन्मुक्त चंद की कप्तानी में जूनियर वर्ल्ड कप जीतने वाली उस भारतीय टीम के उप कप्तान जो थे। लेकिन नासमझ चयनकर्ताओं या यूं कहें उनके ऊपर बैठे उस अदृश्य सलेक्टर ने ऐसी टीम चुनी कि इन चारों होनहारों की जगह ऐसे नमूने टीम में रख लिए जिनका जूनियर में रन बनाने का किसी स्कोर कार्ड में कोई रिकॉर्ड दिखा ना कभी इनका नाम ही सुना गया। उस अदृश्य सलेक्टर की तरह जुगाड़ू खिलाड़ी भी कुछ सालों से टीम में दिखाई दे रहे हैं, जिससे यूपी की टीम गर्त में जाती रही। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में हुई टीम की छीछालेदर पर सबसे पहले सवाल पत्रिका ने ही उठाया था।
पत्रिका ने पूछा था कि होनहार खिलाड़ियों को क्यों नहीं खिलाया जा रहा है। हमारी खबर के बाद विजय हजारे ट्रॉफी के लिए अक्षदीप नाथ और विकेटकीपर उपेंद्र यादव को टीम में लेना पड़ा। हालांकि मोहम्मद सैफ को नॉकआउट में लिया लेकिन जीशान अंसारी के साथ सलेक्टर का सौतेला व्यवहार जारी रहा। न जाने जीशान अंसारी से टीम मैनेजमेंट या सिलेक्टर किस जन्म की दुश्मनी निभा रहे हैं। खैर अक्षदीप और उपेंद्र के प्रदर्शन की बदौलत यूपी की टीम आज विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में पहुंच गई है। सात मैचों में अक्षदीप यूपी की ओर से सबसे ज्यादा 332 रन बना चुके हैं। उन्होंने सबसे ज्यादा चार अर्धशतक भी यूपी की ओर से लगाए हैं। आज सेमीफाइनल में उन्होंने गुजरात के खिलाफ अकेले दम पर 71 रनों की शानदार पारी से उत्तर प्रदेश की टीम को फाइनल में पहुंचाया।
अक्षदीप नाथ इस टूर्नामेंट में अब तक 55.33 की शानदार औसत से 332 रन बना चुके हैं। उधर उपेंद्र यादव सात मैचों में एक शतक और एक अर्धशतक की बदौलत 276 रन बना चुके हैं। उपेंद्र ने शतक तो क्वार्टर फाइनल में दिल्ली जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उस समय बनाया जब यूपी की पारी लड़खड़ा रही थी। अक्षदीप और उपेंद्र ने सलेक्टर्स को आइना दिखाया कि जिन्होंने उन्हें सैयद मुश्ताक अली t20 ट्रॉफी के लायक नहीं समझा, वही आखिर टीम के काम आए और उन्होंने टीम को फाइनल तक पहुंचा दिया।
अगर टीम मोहम्मद सैफ और जीशान अंसारी जैसे प्रतिभावान खिलाड़ियों को भी मौका दे तो वह अजेय हो सकती है। चयनकर्ताओं और उस अदृश्य सलेक्टर को इस बारे में सोचना होगा की टैलेंटेड खिलाड़ियों का हक ना मारा जाए। आप सिफारिशी खिलाड़ियों को तो टीम में एडजस्ट कर सकते हो लेकिन जब आप पूरी टीम ही सिफारिश ही कर दोगे तो फिर टीम का प्रदर्शन गिरेगा। अक्षदीप नाथ और उपेंद्र यादव ने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिखाया है।
Published on:
11 Mar 2021 09:59 pm
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