
ईरान-इजराइल तनाव पर शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद का बयान आया है। फोटो: IANS
शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने कहा, "जब समझौते की बात चल रही थी, तो उस समय अमेरिका ने इजरायल के जरिए ईरान पर हमला करवाया। बातचीत न तो खत्म हुई और न ही विफल हुई है। एक तरफ आप बातचीत कर रहे हैं और दूसरी तरफ आप इजरायल के जरिए हमला करवा रहे हैं। इजरायल यह भी धमकी दे रहा है कि अगर ईरान नहीं माना तो और हमले होंगे। आप शांति समझौता नहीं कर रहे हैं, आप गुलाम बनाना चाहते हैं। जैसे अंग्रेजों ने भारत को गुलाम बनाया, वैसे ही आज अमेरिका दुनिया को अपना गुलाम बनाना चाहता है। वह कहता है कि 'हमारी बात मानो नहीं तो हम तुम्हें बर्बाद कर देंगे'। यह गुलामी के अलावा और कुछ नहीं है।"
उन्होंने कहा कि इजरायल और अमेरिका नहीं चाहते कि दुनिया में शांति कायम हो। हमारा देश हिंदुस्तान, अमेरिका और इजरायल का साथ दे रहा है। गाजा में 70 हजार निर्दोष लोग मार दिए गए हैं, लेकिन हमारे देश ने इसकी निंदा नहीं की। हम निष्पक्ष बने हुए हैं और हमारा देश न इधर का है, न उधर का है। इस्लाम में कहा गया है कि अत्याचारी को रोको या उसकी निंदा करो और अगर ऐसा नहीं किया तो तुम्हारा भी वही हाल होगा, जो जालिम का होगा।
मौलाना कल्बे जवाद ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि गाजा में मारे गए लोगों में 65 प्रतिशत महिलाएं और बच्चे हैं। क्या आप अभी निष्पक्ष हैं? अत्याचार करने वाले और तटस्थ रहने वाले दोनों ही निंदा के पात्र हैं, क्योंकि तटस्थता अत्याचारी का समर्थन करती है। हम अपने देश से अपील करते हैं कि बातचीत के दौरान इजरायल ने हमला किया।
अगर परमाणु रिएक्टर पर हमला होता है, तो लाखों निर्दोष लोग मरेंगे। भगवान न करे, अगर यहां परमाणु हमला होता है, तो लाखों भारतीय मरेंगे। मरने वाली सेना नहीं, बल्कि आम लोग होंगे। जो तटस्थ रहते हैं, वे अत्याचारी के साथी हैं। भारत को तटस्थता का मुखौटा उतारकर अत्याचारियों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। अत्याचारी इजरायल और अमेरिका हैं।"
सोर्स: IANS
Published on:
15 Jun 2025 07:56 am
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