
एलडीए और निवेशकों की FIR के बाद बढ़ीं अंसल ग्रुप की मुश्किलें
Ansal Employees Security Real Estate Scam: अंसल ग्रुप की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। एलडीए (लखनऊ विकास प्राधिकरण) और निवेशकों द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के बाद, अब कंपनी के कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा की मांग की है। सैकड़ों कर्मचारियों ने यह दावा किया है कि अंसल ग्रुप के दिवालिया होने के बाद से उन्हें धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।
अंसल ग्रुप के कर्मचारियों ने अपने पत्र में कहा कि वे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या गड़बड़ी में शामिल नहीं थे। उन्होंने अनुरोध किया कि निर्दोष कर्मचारियों पर किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई न की जाए और न ही उन्हें परेशान किया जाए। उन्होंने कहा कि अंसल ग्रुप के दिवालिया होने के कारण न केवल उनकी नौकरी चली गई है, बल्कि उन्हें लगातार ग्राहकों और निवेशकों से धमकियां भी मिल रही हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि वेतनभोगी कर्मचारी केवल अपने परिवारों के पालन-पोषण के लिए काम कर रहे थे। लेकिन अब उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं कि यदि उनकी धनराशि वापस नहीं की गई, तो उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेज दिया जाएगा। इस वजह से कई कर्मचारी मानसिक तनाव में आ गए हैं।
अंसल कर्मचारियों ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दें कि किसी भी निर्दोष कर्मचारी को इस मामले में फंसाया न जाए। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ कोई भी गलत कानूनी कार्रवाई की जाती है, तो इससे वे आर्थिक और मानसिक रूप से बहुत अधिक प्रभावित होंगे।
अंसल ग्रुप के चेयरमैन सुशील अंसल, डायरेक्टर प्रणव अंसल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कई मामलों में धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत दर्ज की गई है। एलडीए और कई निवेशकों ने अंसल ग्रुप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अंसल ग्रुप के कर्मचारियों ने सीएम से आग्रह किया कि वे उन लोगों को सुरक्षा दें जो पूरी तरह निर्दोष हैं और इस विवाद में केवल फंसाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे पहले से ही अपनी नौकरी खो चुके हैं और अब कानूनी कार्यवाही का दबाव उन पर और अधिक तनाव पैदा कर रहा है।
निवेशकों और खरीदारों का आरोप है कि अंसल ग्रुप ने उनसे करोड़ों रुपये लेकर प्रोजेक्ट अधूरे छोड़ दिए। इस कारण से, कई लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए और कानूनी कार्रवाई की मांग की।
अंसल ग्रुप के खिलाफ बढ़ती कानूनी कार्रवाई के बीच कर्मचारियों का यह कदम उनकी सुरक्षा और मानसिक शांति की आवश्यकता को दर्शाता है। अब यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं और निर्दोष कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
Updated on:
13 Mar 2025 09:17 am
Published on:
13 Mar 2025 09:17 am
