7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

UP RERA : उ.प्र. रेरा ने अंसल API के खिलाफ NCLT में दाखिल की याचिका, घर खरीदारों को राहत देने की पहल

UP RERA Takes Legal Action  Ansal API: उत्तर प्रदेश रेरा ने अंसल ए.पी.आई. के खिलाफ एन.सी.एल.टी. में इम्प्लीडमेंट अप्लीकेशन दाखिल करने का फैसला किया है। यह कदम हजारों घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है, जिनकी जमा पूंजी अंसल ए.पी.आई. में फंसी हुई है। रेरा ने सभी वसूली प्रमाण-पत्र आई.आर.पी. को भेज दिए हैं।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Mar 11, 2025

रेरा ने सभी वसूली प्रमाण-पत्र आई.आर.पी. को भेजे

रेरा ने सभी वसूली प्रमाण-पत्र आई.आर.पी. को भेजे

UP RERA Lucknow Real Estate: उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) ने अंसल ए.पी.आई. (Ansal API) के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) में इंप्लीडमेंट ऐप्लीकेशन दाखिल करने का फैसला किया है। रेरा का यह कदम हजारों घर खरीदारों को राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिनकी रकम अंसल ए.पी.आई. में फंसी हुई है। एन.सी.एल.टी. की दिल्ली बेंच ने अंसल ए.पी.आई. के खिलाफ कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) शुरू करने और मोरेटोरियम लागू करने का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद, रेरा उन घर खरीदारों के लिए अनुतोष देने की स्थिति में नहीं रह गया, जो अपने आवास या धनराशि की वापसी के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहे थे। इसी के चलते रेरा ने यह बड़ा कदम उठाया है।

यह भी पढ़ें: UP कैबिनेट के 19 फैसले: गेहूं MSP बढ़ा, मेट्रो-स्टांप ड्यूटी पर अहम निर्णय!

रेरा के आदेश और अब तक की कार्यवाही

रेरा ने अब तक अंसल ए.पी.आई. के खिलाफ 2825 शिकायतों का निस्तारण किया है, जिसके तहत लगभग 708 आवंटियों को 125.30 करोड़ रुपये वापस मिल चुके हैं। हालांकि, अब भी कई आवंटियों को उनके मकान और भूखंडों का इंतजार है। रेरा ने अंसल से जुड़े सभी 619 वसूली प्रमाण-पत्रों को आई.आर.पी. (Interim Resolution Professional - IRP) को भेज दिया है, ताकि उनके समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। इन प्रमाण-पत्रों में आवंटियों की लगभग 113 करोड़ रुपये की धनराशि फंसी हुई है। इसके अलावा, अंसल पर रेरा कानून के उल्लंघन के चलते 19.73 करोड़ रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया था।

यह भी पढ़ें: Yogi सरकार का बड़ा फैसला: लखनऊ समेत कई जिलों में भूमि सर्किल रेट्स का पुनरीक्षण, किसानों को मिलेगा सही मूल्य!

एन.सी.एल.टी. के आदेश के खिलाफ रेरा की अपील

एन.सी.एल.टी. द्वारा अंसल ए.पी.आई. के खिलाफ सीआईआरपी (CIRP) की प्रक्रिया शुरू करने के बाद, रेरा अब इस फैसले को चुनौती देने जा रहा है। रेरा का मानना है कि यदि अंसल को दिवालिया घोषित कर दिया जाता है, तो घर खरीदारों को अपने पैसे वापस पाने में और भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा,"अंसल ए.पी.आई. लंबे समय से अपने प्रोजेक्ट्स को पूरा करने और खरीदारों को कब्जा देने में विफल रहा है। रेरा यह सुनिश्चित करेगा कि निवेशकों के हित सुरक्षित रहें और अंसल अपनी जिम्मेदारियों से बच न सके।"

यह भी पढ़ें: यूपी में शराब लाइसेंस के लिए ई-लॉटरी, 12 मार्च तक फीस जमा करें वरना होगा निरस्त

आवंटियों को क्या करना चाहिए

रेरा ने सभी प्रभावित घर खरीदारों को ई-मेल भेजकर सूचित किया है कि वे फॉर्म-CA में अपनी दावेदारी आई.आर.पी. के समक्ष प्रस्तुत करें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि उन्हें उनकी राशि वापस मिले या फ्लैट का कब्जा दिया जाए।

रेरा का अगला कदम

  • एन.सी.एल.टी. के आदेश को चुनौती देना।
  • आई.आर.पी. के माध्यम से आवंटियों को उनका पैसा दिलाने की प्रक्रिया तेज करना।
  • अंसल पर लगाए गए 19.73 करोड़ रुपये के अर्थदंड की वसूली सुनिश्चित करना।
  • नए मामलों में भी कार्रवाई करते हुए घर खरीदारों को न्याय दिलाना।