Antyodaya Anna Yojana- सरकार ने गरीब तबके के लोगों को ध्यान में रखते हुए अन्तयोदय अन्न योजना की शुरुआत की है। यह योजना केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई है। इस योजना के माध्यम से गरीब तबके के लोगों को आजीविका के लिए राशन उपलब्ध कराया जाएगा।
लखनऊ. Antyodaya Anna Yojana. सरकार ने गरीब तबके के लोगों को ध्यान में रखते हुए अन्तयोदय अन्न योजना की शुरुआत की है। यह योजना केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई है। इस योजना के माध्यम से गरीब तबके के लोगों को आजीविका के लिए राशन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए सभी पात्र परिवारों को अंत्योदय राशन कार्ड जारी किया जाएगा। इस कार्ड के जरिये उन्हें हर महीने सरकारी दुकानों से राशन न्यूनतम दामों में मिल जाएगा।
5 अगस्त, 2021 को उत्तर प्रदेश में अन्तयोदय अन्न योजना महोत्सव का शुभारंभ किया गया था। इस योजना के तहत प्रदेश के सभी उम्मीदवार नागरिकों को मुफ्त राशन दिया जाना शामिल है। योजना के तहत हर महीने पांच किलो राशन प्रत्येक लाभार्थी को दिया जाना है। अन्तयोदय योजना के चलते वह सभी लोग अपना भरण पोषण कर सकते हैं जिनकी आय का कोई स्थायी जरिया नहीं उपलब्ध है। योजना में अब 10 लाख परिवारों को शामिल किया गया है।
अन्तयोदय योजना के दस्तावेज
वह उम्मीदवार जो योजना में आवेदन करना चाहतें हैं उन्हें कुछ जरूरी दस्तावेज देना होता है।
- आधार कार्ड
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र
- वोटर आईडी कार्ड
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
योजना के लिए इस तरह करें आवेदन
- सबसे पहले आवेदक को अपने क्षेत्र के खाद्य आपूर्ति विभाग में जाना होगा। आवेदक को कार्यालय के संबंधित अधिकारी से अंत्योदय राशन कार्ड का फॉर्म प्राप्त करना होगा।
- फॉर्म में पूछी गई जानकारी को दर्ज करें। इसके बाद आवेदक को फॉर्म के साथ मांगे गए दस्तावेजों की स्कैन कॉपी को अटैच करना होगा।
- फॉर्म अटैच करने के बाद इसे कार्यालय में जमा कर दें। इसके बाद विभाग के अधिकारी आवेदन फॉर्म की जांच करेंगे, जांच सफल होने के बाद आपको अंत्योदय राशन कार्ड का लाभ प्राप्त होगा।
परिवार की पहचान के लिए मानदंड
- इस योजना में पंजीकरण के लिए लाभार्थी को अपने क्षेत्र के पटवारी द्वारा जारी आय का प्रमाण पत्र दिखाना होगा। मगर उसके पास पहले से कोई राशन कार्ड नहीं होना चाहिए।
- भूमि हीन कृषि मजदूर, सीमांत किसान, ग्रामीण शिल्पकार/कारीगर जैसे कि कुम्हार, चमड़ा कारीगर, बुनकर, लोहार, बढ़ई, अनौपचारिक क्षेत्र में दैनिक आधार पर कार्य करने वाले जैसे कि मोची, बेसहारा, रेहड़ी वाला, रिक्शा वाला और ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इस तरह के अन्य श्रेणियों के लोग शामिल हैं।
- विधवाओं के परिवार या बीमार व्यक्ति या विकलांग या 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग जिनके पास निर्वाह व सामाजिक सहायता के लिए कोई सुनिश्चित साधन नहीं है।