
एरा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर से ATS की पूछताछ, परवेज़ और डॉ. शाहीन से जुड़ी जानकारी जुटा रही एजेंसी (फोटो सोर्स : Police Whatsapp News Group )
Delhi Blast Parvez and Dr. Shaheen: किसी बड़े नेटवर्क या संदिग्ध संपर्कों की जांच के सिलसिले में एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) की टीम ने लखनऊ स्थित एरा मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर से महत्वपूर्ण पूछताछ की। जानकारी के अनुसार, सर्जरी विभाग में तैनात डॉक्टर निसार से फोन पर लंबी बातचीत की गई, जिसमें एजेंसी ने डॉक्टर परवेज़ और डॉ. शाहीन के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी। यह पूछताछ बीते कुछ दिनों से चल रही जांच का हिस्सा बताई जा रही है। हालांकि, एटीएस की ओर से मामले को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन कॉलेज और मेडिकल जगत में इस अचानक हुई पूछताछ ने हलचल मचा दी है।
डॉ. निसार इस समय एरा मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में कार्यरत हैं। सूत्रों के मुताबिक एटीएस ने निसार का बैकग्राउंड खंगालते हुए उनसे उनके मेडिकल करियर के शुरुआती दौर के बारे में भी सवाल किए। निसार ने कानपुर के प्रतिष्ठित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई की थी। उसी दौरान जीएसवीएम में डॉ. शाहीन फैकल्टी के रूप में तैनात थीं। इस बात को लेकर एटीएस ने यह समझने की कोशिश की कि
सूत्रों के अनुसार निसार ने स्पष्ट कहा कि उनका डॉ. शाहीन से कभी औपचारिक से अधिक कोई संबंध नहीं रहा और वे सिर्फ अकादमिक स्तर पर ही जुड़ी थीं।
एटीएस ने पूछताछ के दौरान निसार से परवेज़ नाम के डॉक्टर के बारे में भी कई सवाल पूछे। परवेज़ के बारे में एजेंसी को पहले से कुछ इनपुट मिले थे, जिसकी कड़ी अब निसार से जुड़ती दिखाई देती है।
निसार ने अधिकतर सवालों के जवाब में कहा कि वह परवेज़ को केवल पेशेवर रूप से जानते थे और उन्हें किसी गलत गतिविधि की जानकारी नहीं थी।
अक्सर एटीएस जैसी एजेंसियां संवेदनशील मामलों में पूछताछ के लिए सीधे व्यक्ति को बुलाती हैं, लेकिन इस मामले में पूछताछ फोन पर ही की गई। यह संकेत देता है कि मामला प्रारंभिक पूछताछ का है। एजेंसी फिलहाल बैकग्राउंड जानकारी जुटा रही है। एटीएस किसी बड़े नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। अभी एजेंसी किसी संदिग्ध नाम पर खुलकर जानकारी नहीं दे रही। फोन पर पूछताछ किए जाने का एक कारण यह भी हो सकता है कि एजेंसी नहीं चाहती कि जांच की दिशा सार्वजनिक हो।
एरा मेडिकल कॉलेज में एटीएस की यह पूछताछ चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने मामला संवेदनशील बताकर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है। कई डॉक्टरों ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि एटीएस की पूछताछ ने माहौल में तनाव पैदा किया है। मामला किससे जुड़ा है, यह स्पष्ट नहीं लेकिन कुछ जांच जरूर चल रही है। निसार एक शांत और जिम्मेदार डॉक्टर हैं, उनका नाम जांच में आना आश्चर्यजनक है, पर वे पीड़ित नहीं, सिर्फ एक गवाह की तरह पूछे जा रहे हैं।
एटीएस द्वारा पूछताछ में बार-बार दो नाम सामने आए- डॉ. शाहीन और डॉ. परवेज़।
डॉ. शाहीन
डॉ. परवेज़
हालांकि दोनों ही नामों को किसी आपराधिक गतिविधि से औपचारिक रूप से जोड़ने वाली कोई जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।
एटीएस की पूछताछ का सिलसिला पिछले कुछ दिनों से कई जगहों पर चल रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि किसी संभावित नेटवर्क में शामिल लोगों की सूची एजेंसी के पास हो सकती है, इसमें मेडिकल जगत के कुछ लोगों से जानकारी ली जा रही है। यह पूछताछ एक “लिंक ट्रेसिंग” प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है। केवल बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के लिए भी एटीएस ऐसे कदम उठाती है इस मामले में भी एटीएस अभी प्रारंभिक जानकारी इकट्ठा कर रही है।
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Updated on:
18 Nov 2025 02:26 pm
Published on:
18 Nov 2025 02:26 pm
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