
टेक्नोलॉजी के जमाने में आजकल कहीं बाहर जाना हो या कुछ खरीदना हो तो सबसे पहले मोबाइल और उसमें मौजूद गूगल ही याद आता है। लेकिन कई बार ये हमें दिक्कत में भी डाल सकता है। कुछ ऐसा ही हुआ लखनऊ में तालकटोरा इलाके। यहां रहले वाले एक बैंक कर्मचारी को नौकरी को एक काम करने वाली नौकरानी की तलाश थी। इसके लिए वह ऑनलाइन साइटों पर सर्च कर रहे थे। कुछ ही देर बाद उनके पास अंजान नंबर से फोन आता है। वह उसको अपनी बातों में फंसाकर अश्लील बातें करने लगती है। बैंक कर्मी के फोन काटते ही उसी नंबर से वीडियो कॉल आता है और अश्लील हरकतें कर उसे रिकार्ड कर ब्लैकमेल करने की धमकी दी जाती है। इसके बाद बैंककर्मचारी से धमकाकर इस गिरोह ने 52 लाख रुपये वसूल लिये। जिसके बाद पीड़त ने तंग आकर तालकटोरा पुलिस व साइबर क्राइम सेल से संपर्क कर मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने एक आरोपी को अरेस्ट कर बाकी की तलाश शुरू कर दी है।
जानिए क्या है पूरा मामला
बताया जाता है कि तालकटोरा निवासी बैंक कर्मी अजय श्रीवास्तव ने मार्च में घर की नौकरानी की तलाश के लिए गूगल पर सर्च किया था। जिसके बाद उनके मोबाइल पर एक नंबर से 22 मार्च को एक कॉल आया की अगर आपको कामवाली चाहिए तो पहले आपको कुछ रुपये देकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। फिर हम आपको कुछ फोटो भेजेंगे। जिसको चयनित करेंगे हम उसे आपके पास भेज देंगे। नौकरानी की जरूरत के चलते कॉल करने वाली की बात को मानते हुए सभी फार्मेल्टी पूरी कर दी। जिसके कुछ देर बाद एक महिला की कॉल आई जो उनसे अश्लील बाते करने लगी। मना करने पर कॉल कटते ही एक युवक ने धमकी देनी शुरू कर दी। जिसके बाद ब्लैकमेलिंग का दौर शुरू हो गया।
मोबाइल, लैपटॉप आदि बरामद
साइबर सेल प्रभारी रणजीत राय के मुताबिक, पीड़ित की शिकायत पर सर्विलांस की मदद से पश्चिम बंगाल के भवानीपुर तांतीपाढ़ा निवासी संदीप मंडल को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। वह अपने गिरोह के साथ घर में काम करने वालों की तलाश करने वालों को लड़कियों के माध्यम से को फसाते थे। इनके गिरोह के अन्य साथियों का पता लगाया जा रहा है। आरोपी से पीड़ित के 52 लाख रुपये भी बरामद हुए। गिरोह के अन्य साथियों का पता लगाया जा रहा है। आरोपी के पास से पुलिस ने 25 मोबाइल, एक लैपटॉप, 50,17,000 रुपये ओर एक कॉल डायरी व कई अन्य दस्तावेज बरामद किया है। जिसकी जांच की जा रही है।
धमकी देकर की जाती थी वसूली
आरोपी संदीप मंडल के अनुसार, वह लोगों कॉल सेंटर्स के माध्यम से घर में काम करने वालों की तलाश करने वालों को फंसाते थे। गूगल पर मशीन डेटा और सोशल मीडिया डेटा के माध्यम से लोगों के मोबाइल नंबर लेते थे। फिर अपने कॉल सेंटर की लड़कियों से उनकी जरूरत के हिसाब से बात शुरू कर रजिस्ट्रेशन और सिक्योरिटी के नाम पर रुपये वसूलते थे। इसके बाद युवतियों से बात कराते थे। जब कस्टमर से वॉइस कॉलिंग के माध्यम से कुछ अश्लील बातें और वीडियो कॉलिंग के माध्यम संपर्क करते। इसके बाद उनके वीडियो को रिकार्ड कर लिया जाता था। इसके बाद कस्टमर को परिवारीजनों, परिचितों व रिश्तेदारों के पास वीडियो भेजने की धमकी देकर वसूली की जाती थी।
Published on:
21 May 2022 09:46 am
