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यूपी में ‘कुंभ’ के सहारे चुनावी वैतरणी पार करेगी भाजपा

-अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयाग और लखनऊ में वैचारिक महाकुंभ-प्रदेश के चार लाख प्रबुद्धजनों को जोडऩे की तैयारी

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BJP cross electoral line with Kumbh 2019 in uttar pradesh

यूपी में 'कुंभ' के सहारे चुनावी वैतरणी पार करेगी भाजपा

पत्रिका इनडेप्थ स्टोरी
लखनऊ. मिशन 2019 की चुनावी तैयारियों में भाजपा जी जान से जुटी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह उप्र में मतदाताओं को पार्टी से जोडऩे के लिए कोई भी मौका नहीं छोडऩा चाहते। इन दिनों बूथ मैनेजमेंट को लेकर बैठकें चल रही हैं। इसके जरिए करीब 40 लाख मतदाताओं को सीधे तौर पर पार्टी से जोड़ा जाएगा। इसी क्रम में भाजपा समाज के प्रबुद्ध जनों को पार्टी से जोडऩे के लिए आगामी दिनों में वैचारिक महाकुंभ का आयोजन करने जा रही है। इसके जरिए प्रदेश भर के विभिन्न वर्गों के करीब 4 लाख पढ़-लिखे और असरदार लोगों को जोडऩे की तैयारी है। वैचारिक महाकुंभ के लिए पार्टी प्रयाग में होने जा रहे महाकुंभ का सहारा लेगी। कहने के लिए पर्यटन विभाग के साथ मिलकर महाकुंभ का प्रमोशन के लिए वैचारिक महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा लेकिन, इसके पीछे भाजपा की रणनीति समाज के प्रबुद्धजनों को पार्टी से जोडकऱ उनका उपयोग चुनाव में किया जाना है।

कुंभ को प्रचारित करने की आड़

करोड़ों लोगों की आस्था का से जुड़ा प्रयाग का महाकुंभ इस बार वोट भी दिलाएगा। महाकुंभ के बहानो जनता को साधने के लिए 2019 के प्रयागराज कुंभ से पहले भाजपा उप्र में 5 वैचारिक कुंभ का आयोजन करेगी। यह महाकुंभ अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयाग और लखनऊ में होगें। उप्र पर्यटन विभाग इन महाकुंभों का आयोजक है। उप्र सरकार का कहना है कि वैचारिक महाकुंभ के जरिए कुंभ 2019 के इतिहास, धार्मिक, वैज्ञानिक और सामाजिक महत्व के बारे में समाज को बताया जाएगा। इन पांचों वैचारिक महाकुंभ का आयोजन नवंबर 2018 से जनवरी 2018 के बीच होगा।

मुख्यमंत्री खुद संभालेंगे कमान

सभी वैचारिक कुंभों को मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ की देखरेख में संपन्न किया जाएगा। इसके अलावा संघ के कुछ वरिष्ठ नेता भी इसमें मौजूद रहेंगे। वैचारिक कुंभ के आयोजन की जिम्मेदारी भाजपा के सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश, उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा, मुख्यमंत्री के ओएसडी संजीव सिंह को दी गई है। इसके अलावा पर्यटन विभाग इसकी जिम्मेदारी उठाएगा।

विश्वविद्यालयों को मिला जिम्मा

अयोध्या में वैचारिक महाकुंभ का जिम्मा डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद को दिया गया है। काशी में पर्यावरण कुंभ के जरिए गंगा और व़ृक्षारोपण पर चर्चा होगी। प्रति वैचारिक कुंभ के जरिए कम से कम एक लाख लोगों को जोडऩे की योजना है। इस तरह विज्ञान, अध्यात्म, अर्थशास्त्र, महिला कल्याण, युवा मामलों के जानकार आदि को जोड़ा जाएगा। लखनऊ में युवा कुम्भ होगा। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित युवाओं को यूथ आइकन के तौर पर बुलाने की तैयारी है। खिलाड़ी से लेकर विभिन्न विधाओं के दिग्गज इसमें शामिल होंगे। एलयू के कुलपति को इसकी जिम्मेदारी दी गयी है। उत्तर प्रदेश सरकार और आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की ओर से वृंदावन में नौ दिसंबर 2018 को मातृ शक्ति कुंभ का आयोजन किया जाएगा। इसका ध्येय वाक्य 'जागो मां, जगाओ मां' होगा।

विरोध भी शुरु

वैचारिक कुंभ की योजना का विरोध भी शुरू हो गया है। समाजवादी पार्टी का कहना है कि भाजपा कुुभ के बहाने विश्वविद्यालयों का हिंदुत्वकरण कर रही है। पार्टी इसका पुरजोर विरोध करेगी।

- अनुराग भदौरिया, प्रवक्ता समाजवादी पार्टी

कहां कौन सा वैचारिक महाकुंभ

- काशी में पर्यावरण कुंभ
- लखनऊ में युवा कुंभ
- अयोध्या में सामाजिक समरसता कुंभ
- वृंदावन मथुरा में महिला-मातृ शक्ति कुंभ
- प्रयाग में सर्व समावेशी भारतीय दर्शन कुंभ