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UP Politics: भाजपा का बंद कमरे में बड़ा मंथन, प्रदेश टीम और बोर्ड नियुक्तियों पर जोर

उत्तर प्रदेश में भाजपा ने चुनाव से पहले संगठन विस्तार तेज किया, प्रदेश टीम गठन और निगम-बोर्ड नियुक्तियों पर मंथन शुरू, सामाजिक समीकरण साधने पर पार्टी का खास फोकस।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Apr 04, 2026

प्रदेश टीम गठन और निगम-बोर्ड नियुक्तियों पर मंथन, चुनाव से पहले बड़े बदलाव के संकेत (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

प्रदेश टीम गठन और निगम-बोर्ड नियुक्तियों पर मंथन, चुनाव से पहले बड़े बदलाव के संकेत (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

UP BJP Meeting: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठन को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं। जिला स्तर पर संगठनात्मक ढांचे के गठन के लगभग पूरा होने के बाद अब पार्टी का पूरा फोकस प्रदेश टीम के गठन और निगम-बोर्ड में लंबित नियुक्तियों पर केंद्रित हो गया है। इसी क्रम में प्रदेश भाजपा मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लेकर संगठन के आगामी स्वरूप और राजनीतिक रणनीति पर गहन विचार-विमर्श किया।

 शीर्ष नेतृत्व ने किया मंथन

इस बैठक में पंकज चौधरी, धर्मपाल सिंह, केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक कई घंटों तक चली, जिसमें संगठनात्मक पुनर्गठन, राजनीतिक संतुलन और आगामी चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिला कार्यकारिणी का गठन लगभग पूरा

भाजपा ने उत्तर प्रदेश को 98 संगठनात्मक जिलों में विभाजित किया है। इनमें से लगभग 90 जिलों में कार्यकारिणी का गठन पूरा किया जा चुका है। हालांकि, अभी पांच जिलों,देवरिया, अंबेडकर नगर, गोरखपुर महानगर, वाराणसी जिला और चंदौली में जिलाध्यक्षों की घोषणा होना बाकी है। पार्टी नेतृत्व का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द इन जिलों में भी संगठनात्मक ढांचा पूरा कर लिया जाए।

अगला चरण: प्रदेश टीम का गठन

जिला स्तर का काम पूरा होने के बाद अब पार्टी की नजर प्रदेश स्तर की नई टीम के गठन पर है। इसमें प्रदेश अध्यक्ष, महामंत्री, उपाध्यक्ष और अन्य पदों पर नए चेहरों को मौका दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस बार संगठन में युवाओं और अनुभवी नेताओं के बीच संतुलन साधने की कोशिश की जाएगी, ताकि संगठन मजबूत होने के साथ-साथ चुनावी दृष्टि से भी प्रभावी बन सके।

 निगम-बोर्ड नियुक्तियों पर भी फोकस

बैठक में आयोगों, निगमों और बोर्डों में खाली पड़े पदों पर नियुक्तियों को लेकर भी गहन चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि करीब तीन दर्जन से अधिक पद लंबे समय से खाली हैं। पार्टी इन पदों पर अपने कार्यकर्ताओं को समायोजित करना चाहती है, जिससे संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को सम्मान मिले और उन्हें जिम्मेदारी भी दी जा सके।

 सामाजिक समीकरण पर विशेष ध्यान

नियुक्तियों और संगठन विस्तार के दौरान भाजपा सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को विशेष महत्व दे रही है। पार्टी का प्रयास है कि विभिन्न जातीय, क्षेत्रीय और सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया जाए। सूत्रों  का मानना है कि यह रणनीति आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाई जा रही है, ताकि सभी वर्गों का समर्थन सुनिश्चित किया जा सके।

 बंद कमरे में हुई अहम चर्चा

सूत्रों के अनुसार, बैठक के बाद पंकज चौधरी और धर्मपाल सिंह ने उपमुख्यमंत्रियों के साथ अलग से बंद कमरे में भी चर्चा की। इस दौरान संगठन विस्तार, नियुक्तियों और चुनावी रणनीति के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

चुनावी रणनीति का हिस्सा

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा का यह संगठनात्मक पुनर्गठन आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय और संतुष्ट रखना भी इस रणनीति का प्रमुख उद्देश्य है।

 कार्यकर्ताओं में उत्साह

निगम-बोर्ड और संगठन में नियुक्तियों की संभावना से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है। लंबे समय से पदों की प्रतीक्षा कर रहे कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि इस बार उन्हें संगठन में जिम्मेदारी मिलेगी।

 भाजपा की रणनीतिक बढ़त

भाजपा का यह कदम उसे अन्य राजनीतिक दलों के मुकाबले रणनीतिक बढ़त दिला सकता है। मजबूत संगठन और संतुलित नेतृत्व के साथ पार्टी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।