9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अडानी पावर से बिजली खरीदेगी यूपी सरकार, कंपनी ने लगाई सबसे कम बोली, जानें कितने रुपए यूनिट पड़ेगी

य़ूपी सरकार अब अडानी पावर से सस्ती दरों में बिजली खरीदेगी। कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगी। अडानी पावर ने 5.38 रुपए प्रति यूनिट बिजली देने का प्रपोजल दिया था।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Aman Pandey

May 06, 2025

यूपी कैबिनेट की बैठक करते मुख्यमंत्री योगी आधित्यनाथ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की मीटिंग हुई। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया बैठक में प्रदेश से जुड़े 11 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें अडानी पावर लिमिटेड से भी एक समझौते को मंजूरी मिली। कैबिनेट ने 5.38 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद को मंजूरी दी। 

25 सालों के लिए किया गया एग्रीमेंट 

कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए ऊर्जा मंत्री एके शर्मा यह समझौता 25 सालों के लिए किया गया है। अडानी पावर लिमिटेड उत्तर प्रदेश को 5.38 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली मुहैया कराएगी। उसी कड़ी में 1600 मेगावाट पावर प्लांट को लेकर हम आगे बढ़े हैं। हमारी शर्त थी कि जब यह प्लांट उत्तर प्रदेश में लगेगा तभी बिजली खरीदेंगे।

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि प्रक्रिया के तहत जुलाई 2024 में रिक्वेस्ट फॉर क्वालीफिकेशन इश्यू किया था, जिसमें 7 कंपनियां आई थीं। इनमें से 5 कंपनियों ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (फाइनेंशियल बिड) में हिस्सा लिया। पांचों कंपनियों में जिस निजी कंपनी का कोटेशन सबसे लोएस्ट था उसके साथ निगोशिएन के बाद उन्होंने फिक्स्ड चार्ज में 3.727 रुपए प्रति यूनिट और फ्यूल चार्ज में 1.656 रुपए प्रति यूनिट समेत कुल टैरिफ 5.38 प्रति यूनिट की न्यूनतम बिड पेश की, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसी टैरिफ पर 25 वर्षों की अवधि के लिए पावर सप्लाई एग्रीमेंट (पीएसए) हस्ताक्षरित किया जाएगा। 

DBFOO मॉडल के तहत शुरू हुई थी बिड प्रक्रिया

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्ययन के अनुसार, राज्य को वर्ष 2033-34 तक लगभग 10,795 मेगावाट अतिरिक्त तापीय ऊर्जा की जरूरत होगी। इसके साथ ही 23,500 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के लिए भी रोडमैप तैयार किया गया है। तापीय ऊर्जा की मांग को पूरा करने के लिए DBFOO मॉडल के तहत बिड प्रक्रिया शुरू की गई।

यह भी पढ़ें : Lucknow Mock Drill: भारत-पाक युद्ध का बजा सायरन, जमीन पर लेट गए लोग… Mock Drill में जवानों ने ऐसे किया बचाव

2030-31 में परियोजना होगी शुरू

यह तापीय परियोजना वित्तीय वर्ष 2030-31 में शुरू हो जाएगी। इससे न सिर्फ बेस लोड ऊर्जा की जरूरत पूरी होगी, बल्कि राज्य में उद्योगों व घरेलू उपभोक्ताओं को भी स्थिर और सस्ती बिजली मिल सकेगी।

क्या है DBFOO मॉडल?

डीबीएफओओ (DBFOO) यानी डिजाइन (Design), बिल्ड (Build), फाइनेंस (Finance), ओन (Own) और ऑपरेट (Operate) एक ऐसी प्रणाली है जिसमें निजी कंपनी परियोजना का निर्माण, वित्तपोषण, स्वामित्व और संचालन खुद करती है। सरकार सिर्फ कोयला लिंकेज देती है और बिजली खरीदती है।