8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

SIR के बाद जनगणना: कब से शुरू होगा पहला चरण? छह लाख कर्मचारी होंगे तैनात

Census First Phase 2026: जनगणना का पहला चरण कब से शुरू होगा? इसको लेकर जानकारी सामने आ गई है। जनगणना के लिए छह लाख कर्मचारी तैनात होंगे।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Harshul Mehra

Jan 07, 2026

census after sir when will first phase begin six lakh employees will be deployed in up

कब से शुरू होगा जनगणना का पहला चरण? फोटो सोर्स-AI

Census First Phase 2026: जनगणना-2027 को पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मुख्य सचिव SP गोयल की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक हुई। जिसमें स्पष्ट किया गया कि आगामी जनगणना का पूरा संचालन डिजिटल माध्यम से होगा। साथ ही इसके लिए प्रदेशभर में लगभग 6 लाख कार्मिक तैनात किए जाएंगे।

SLCCC की दूसरी बैठक आयोजित

मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (SLCCC) की दूसरी बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना-2027 के सफल और प्रभावी संचालन को लेकर विस्तृत चर्चा करते हुए कई बड़े निर्णय लिए गए। मुख्य सचिव ने जनगणना की सभी तैयारियों को समय पर पूरा करने, विभागों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने और डिजिटल सोर्स का ज्यादा इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया।

मई–जून में शुरू होगा जनगणना का पहला चरण

इस दौरान उन्होंने जनगणना कार्मिकों के लिए प्रभावी प्रशिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने और उपयुक्त प्रशिक्षकों के चयन के निर्देश दिए। इस मौके पर निर्णय लिया गया कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण यानी हाउस लिस्टिंग एवं आवास जनगणना (HLO) का क्षेत्रीय कार्य मई–जून 2026 के दौरान कराया जाएगा। इस चरण में लगभग 6 लाख कार्मिकों की तैनाती की जाएगी। आंकड़ों का संग्रहण (Storage), प्रविष्टि (Entry), सत्यापन और अनुश्रवण (Verification and monitoring) पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जाएगा। जिससे कार्य में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित हो सके।

सामान्य प्रशासन विभाग को राज्य नोडल विभाग नामित किया गया

समिति ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक, राज्य की सभी प्रशासनिक इकाइयां 31 दिसंबर 2025 की स्थिति के अनुसार स्थिर रहेंगी। 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक किसी भी प्रशासनिक इकाई के क्षेत्राधिकार में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग को राज्य नोडल विभाग नामित किया गया है, जो राजस्व, गृह, शिक्षा, नगर विकास और पंचायती राज समेत सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करेगा।

कार्मिकों के मानदेय से जुड़े विषयों पर भी निर्णय

इस बैठक में जनगणना पदाधिकारियों की नियुक्ति, जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समितियों (DLCC) के गठन, तकनीकी सहायता, वित्तीय मानदंड और कार्मिकों के मानदेय से जुड़े विषयों पर भी निर्णय लिए गए। इस दौरान समिति ने 28 अक्टूबर 2025 को हुई पिछली बैठक के निर्देशों की समीक्षा की। बुलंदशहर, बहराइच और प्रयागराज के चयनित ग्रामीण और शहरी इलाकों में आयोजित प्री-टेस्ट-2027 (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशंस) के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त किया गया। साथ ही मिले फीडबैक को कार्ययोजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया।

निदेशक (जनगणना कार्य) उत्तर प्रदेश, शीतल वर्मा ने जनगणना-2027 की प्रक्रिया, समय-सीमा और कार्ययोजना पर विस्तृत जानकारी दिया। उन्होंने बताया कि जनगणना के द्वितीय चरण में जाति गणना की जाएगी। पहली बार नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। जनगणना-2027 का पूरा संचालन डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।