18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजनीतिक दल और प्रत्याशी आचार संहिता का करें पालन नहीं तो होगी सख्त कार्यवाही: नवदीप रिणवा

मंदिर, मस्जिद, चर्चों और पूजा के अन्य स्थानों का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं कर सकेंगे प्रत्याशी.

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Mar 21, 2024

Chief Electoral Officer Navdeep Rinwa

Chief Electoral Officer Navdeep Rinwa

Model Code of Conduct Compliance: मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि 16 मार्च से भारत निर्वाचन आयोग के माध्यम से लोकसभा चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता लागू की गयी है। इसके अंतर्गत राजनैतिक दलों और प्रत्याशियों को लागू हुई आचार संहिता का पालन करने की अपेक्षा की गयी है।

यह भी पढ़े : Lucknow University PHD Admission : PHD के नौ विषयों की कट ऑफ जारी

उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता के अनुपालन में कोई दल , प्रत्याशी ऐसी किसी गतिविधि में शामिल नहीं होगा ( Model Code of Conduct Update Rules) जो भिन्न-भिन्न जातियों और समुदायों के बीच विद्यमान मतभेद को और अधिक बिगाड़े या परस्पर नफरत उत्पन्न करें , उनके बीच तनाव उत्पन्न करे। कोई भी प्रत्याशी दूसरे दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की निजी जिन्दगी सम्बन्धी आलोचना नहीं करेंगे।

मतदाताओं को डराना-धमकाना, घूस देना, भ्रष्ट आचरण ये अपराध की श्रेणी में

(Model Code of Conduct Compliance ) चुनाव के दौरान वोट लेने के लिए किसी जाति या सम्प्रदाय की भावनाओं के आधार पर कोई अपील नहीं की जाएगी। मस्जिदों, चर्चों, मंदिरों और पूजा के अन्य स्थानों का चुनाव प्रचार के मंच के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। सभी राजनैतिक दल और प्रत्याशी ऐसी किसी भी गतिविधि जो भ्रष्ट आचरण एवं अपराध की श्रेणी में आते हैं ( Lok Sabha Election ) जैसे कि मतदाताओं को घूस देना, मतदाताओं को डराना-धमकाना, मतदाताओं का प्रतिरूपण करना, मतदान केन्द्रों से 100 मीटर की दूरी के भीतर प्रचार करना, मतदान समाप्ति के पहले 48 घंटों की अवधि के दौरान सार्वजनिक बैठकें आयोजित करना और मतदाताओं को मतदान केन्द्रों तक ले जाने और वापस लाने के लिए परिवहन आदि की व्यवस्था करना जैसे कार्य नहीं करेंगे।


आदर्श आचार संहिता के नियमों का पालन जरूरी

उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता के दौरान शांतिपूर्ण स्थित बनाये रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति के अधिकार का सम्मान किया जाएगा, फिर चाहे राजनीतिक दल और अभ्यर्थी उसके विचारों या गतिविधियों से सहमत हों या न हों। कोई भी राजनैतिक दल या अभ्यर्थी अपने अनुयायियों को किसी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसकी निजी भूमि, भवन, परिसर की दीवारों आदि पर झंडा लगाने, बैनर लटकाने, सूचना चिपकाने, नारा लिखने की का काम नहीं करेंगे।

यह भी पढ़े : रामपुर तिराहा कांड में 30 साल बाद आया फैसला, पीएसी के दो सिपाहियों को आजीवन कारावास

राजनैतिक दल और प्रत्याशी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके समर्थक दूसरे दलों द्वारा आयोजित बैठकों, जुलूसों में न तो बाधा खड़ी करें और न ही उन्हें भंग करेंगे। किसी भी दल द्वारा उन स्थानों के आसपास जुलूस नहीं निकाला जाएगा, जहां दूसरे दल द्वारा बैठकें आयोजित की जा रही हों। किसी भी दल के द्वारा लगाए गए पोस्टर दूसरे दल के कार्यकर्ताओं के माध्यम से नहीं हटाये जाएंगे।