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कोरोना वायरस से खिले भारतीय व्यापारियों के चेहरे

- कोरोना वायरस से इंडियन मार्केट में बूम - मेक इन इंडिया को मिल रहा बढ़ावा
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होली पर कोरोना का असर, बाजारों से चीन के उत्पाद गायब, लोकल बाजारों में बढ़ी भारतीय पिचकारी और रंगों की मांग

होली पर कोरोना का असर, बाजारों से चीन के उत्पाद गायब, लोकल बाजारों में बढ़ी भारतीय पिचकारी और रंगों की मांग

लखनऊ. कोरोना वायरस (Cornona Virus) के कारण अधिकतर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार ठप पड़ा है। अब इसका असर होली (Holi) पर भी पड़ने लगा है। होली में बड़ी तादाद में चीन के सामान भारत में सप्लाई होते हैं। लेकिन इस बार कोरोना के असर से चीन के उत्पाद बाजारों से लगभग गायब हैं। ये कोरोना का ही असर है कि राजधानी लखनऊ की बाजारों से चाइनीज पिचकारी गायब है। हालांकि, इसके चलते इंडियन मार्केट में बूम आ गया है। इंडियन, हर्बल और सात्विक रंगों की बाजार में पैठ बन गई हैं। लखनऊ के बाजारों की तरह ही प्रदेश के अन्य शहरों में भी भारतीय पिचकारी और रंगों की मांग बढ़ गई है।

मेक इन इंडिया को बढ़ावा

कोरोना वायरस की वजह से चीन से आने वाले सभी तरह के उत्पादों पर रोक लगा दी गई है। इसकी जगह होली पर सामानों की बिक्री के लिए भारतीय सामानों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसका फायदा इंडियन बाजार को हो रहा है। मेक इन इंडिया प्रॉडक्ट्स की सेल में करीब 40 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। रंग-गुलाल की बात करें तो इंडियन कलर्स के बाजार में भी 30 से 35 प्रतिशत का बूम आया है।

महंगा हुआ होली का बजट

होली के बाजार में मल्टिकलर, स्प्रे, पिचकारी की सप्लाई चीन से भारत में होती है। लेकिन इस बार चीन से इन उत्पादों का आयात नहीं किया जा सकेगा, जिसके चलते लोकल बाजारों में होली के सामानों के दाम में 15 से 20 प्रतिशत इजाफा किया गया है। हालांकि, चीन से माल न आने पर पुराने माल को नए पैकेजिंग और डबल रेट में बेचा जाना है। वहीं, कुछ बाजारों में होली का एक लॉट सितंबर-अक्टूबर में ही आ गया था। ऐसे में इनके भी रेट बढ़ाए गए हैं। पिछले साल 30 से 40 रुपये में बिकने वाले गुब्बारे का पैकेट 80 से 100 रुपये में बिक रहा है। पिचकारी के दाम में जबरदस्त इजाफा हुआ है। 50-60 रुपये में बिकने वाली पिचकारी 150 से 200 रुपये में बिक रही है। इसी तरह फॉग कलर, कलर बंदूक जैसे चाइनीज आइटम्स के दाम भी डबल रेट में हैं।

व्यापारी नरेश गोयल ने बताया कि बाजार में इंडियन आइटम की डिमांड में तेजी आई है। चीन के आइटम्स बाजार में नहीं हैं। जो हैं वह काफी महंगे हैं।

ग्राहक भी कर रहे परहेज

कोरोना वायरस का असर बाजारों के साथ-साथ ग्राहकों की सोच पर भी पड़ रहा है। लोग चीन के उत्पादों से तौबा कर रहे हैं। अगर खरीब भी रहे हैं, तो भारत में ही बने उत्पादों की मांग कर रहे हैं।

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