
गांव से शहर तक बेहतर बिजली व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता, ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री का बड़ा संदेश (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
Electricity Crisis Yogi Action: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली मांग के बीच मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर बिजली व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि गांव हो या नगर, प्रदेश के हर हिस्से में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
राजधानी लखनऊ में आयोजित समीक्षा बैठक में ऊर्जा मंत्री A.K. Sharma, विभागीय वरिष्ठ अधिकारी, उत्पादन निगम, ट्रांसमिशन निगम और विद्युत वितरण कंपनियों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन नेटवर्क, बिलिंग व्यवस्था, स्मार्ट मीटर, शिकायत निस्तारण और आपूर्ति प्रबंधन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
उत्तर प्रदेश में इस वर्ष भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई है। समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश की पीक बिजली मांग इस वर्ष 30,339 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। इतनी अधिक मांग के बावजूद बिजली आपूर्ति को संतुलित बनाए रखना ऊर्जा विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए सभी उत्पादन इकाइयों को पूरी दक्षता के साथ संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर तकनीकी लापरवाही नहीं होनी चाहिए और बिजली उत्पादन से लेकर वितरण तक हर व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि आने वाले महीनों में बिजली की मांग और बढ़ सकती है, इसलिए अभी से अतिरिक्त तैयारी करना जरूरी है।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि बिजली आपूर्ति के मामले में गांव और शहर के बीच किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों, छात्रों और आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली केवल सुविधा नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुकी है। ऐसे में लोगों को लंबे समय तक कटौती का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां भी तकनीकी खराबी या लाइन फाल्ट हो, वहां तुरंत टीम भेजकर समाधान किया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने ट्रांसमिशन नेटवर्क को और मजबूत तथा भरोसेमंद बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कई बार उत्पादन पर्याप्त होने के बावजूद ट्रांसमिशन नेटवर्क की कमजोरी के कारण लोगों तक सुचारु बिजली नहीं पहुंच पाती।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुराने ट्रांसफार्मरों और कमजोर लाइनों को चिन्हित कर तेजी से सुधार कार्य किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जहां ओवरलोडिंग की समस्या अधिक है, वहां अतिरिक्त ट्रांसफार्मर और नई लाइनें लगाने की प्रक्रिया तेज की जाए। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि कई जिलों में ट्रांसमिशन नेटवर्क सुधारने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था में जवाबदेही तय करने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि फीडर वाइज मॉनिटरिंग की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कहां कितनी बिजली आपूर्ति हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में बार-बार बिजली कटौती या शिकायतें आ रही हैं तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल कागजी समीक्षा से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर परिणाम दिखाई देने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली संबंधी शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और उपभोक्ताओं को समाधान की समयसीमा भी बताई जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग की हेल्पलाइन और कॉल सेंटर व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने ऊर्जा मंत्री और राज्य मंत्री को निर्देश दिए कि वे स्वयं कॉल सेंटर का भौतिक निरीक्षण करें और देखें कि शिकायतों का समाधान किस प्रकार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार उपभोक्ताओं को सही जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे उनकी नाराजगी बढ़ती है। इसलिए शिकायत दर्ज होने के बाद उपभोक्ता को यह बताया जाए कि समस्या कब तक हल होगी। उन्होंने यह भी कहा कि कॉल सेंटर कर्मचारियों का व्यवहार उपभोक्ताओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।
समीक्षा बैठक में स्मार्ट मीटर और बिलिंग व्यवस्था को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय पर और सही बिल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गलत बिलिंग और अधिक बिल आने की शिकायतें जनता में असंतोष पैदा करती हैं। इसलिए बिलिंग प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बिलिंग और कलेक्शन क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता है, लेकिन इसके साथ उपभोक्ताओं की सुविधा और विश्वास भी बनाए रखना जरूरी है।
प्रदेश में हाल के दिनों में कई जिलों में आंधी-तूफान और बारिश के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा या खराब मौसम की स्थिति में त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम पूरी तरह सक्रिय रखा जाए।
उन्होंने कहा कि कहीं भी बिजली लाइन टूटने, ट्रांसफार्मर खराब होने या आपूर्ति बाधित होने की सूचना मिलने पर तत्काल टीम मौके पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को लंबे समय तक अंधेरे में नहीं रखा जा सकता।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आम लोगों को बिजली आपूर्ति के बारे में सही और समय पर जानकारी मिलनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि किसी क्षेत्र में तकनीकी कारणों से बिजली आपूर्ति बाधित होती है तो लोगों को पहले से सूचित किया जाए। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और संवाद बेहतर होने से जनता का भरोसा बढ़ता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके उपभोक्ताओं तक जानकारी पहुंचाई जाए।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेशवासियों को बेहतर, भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर स्तर पर जवाबदेही तय होगी।
Published on:
24 May 2026 12:45 pm
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