
सुबह पड़ेगी धुंध–कोहरा, दिन चढ़ते ही साफ होगा मौसम; प्रदेश में मौसम तंत्र कमजोर, पर ठंड का असर तेज होने को तैयार (फोटो सोर्स : Mausam Vibhag Whatsapp Group)
Cold Winds Return: उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से बढ़े तापमान ने जहां राहत दी, वहीं अब मौसम एक बार फिर करवट बदलने जा रहा है। पछुआ और उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रवाह फिर से सक्रिय होने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले सप्ताह में प्रदेश के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक कमी हो सकती है। इससे सर्दी एक बार फिर अपने चरम की ओर लौटेगी और सुबह-शाम की ठिठुरन बढ़ जाएगी।
प्रदेश में इस समय कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ या स्थानीय मौसम तंत्र प्रभावी नहीं है। यही कारण है कि पिछले सप्ताह हवा की दिशा और गति बदलने से तापमान में मामूली उछाल दिखाई दिया था। लेकिन अब हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली अत्यंत ठंडी व शुष्क पछुआ हवाएं एक बार फिर मैदानी इलाकों की ओर बढ़ने लगी हैं। जैसे-जैसे हवा की गति बढ़ेगी, तापमान लगातार नीचे जाता जाएगा और सर्दी का असर अधिक स्पष्ट महसूस होने लगेगा।
मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में ठंड बढ़ने का सबसे बड़ा कारण हिमालय क्षेत्रों की ओर से आने वाली पछुआ हवाएं होती हैं। ये हवाएं बर्फ से ढके इलाकों में बने ठंडे दबाव क्षेत्र से निकलकर मैदानी इलाकों में पहुंचती हैं। जब ये हवा उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है तो....
पिछले दिनों हवा का प्रवाह दक्षिण-पूर्व और पूर्वी दिशाओं से हो रहा था, जो अपेक्षाकृत गर्म हवाएं होती हैं। इसलिए अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। अब हवा का रुख पूर्णतः बदलने से प्रदेश में सर्दी का असर बढ़ना निश्चित है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान की गिरावट अधिक स्पष्ट होगी। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और मेरठ मंडलों में सुबह की ठंड अधिक प्रभावित करेगी।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, हवा की नमी सीमित होगी, इसलिए घना कोहरा फिलहाल नहीं पड़ेगा। लेकिन
हालांकि सूर्य निकलने के 2–3 घंटे बाद कोहरा जल्दी खत्म हो जाएगा और मौसम साफ हो जाएगा। यह उत्तर-पश्चिमी हवाओं की शुष्क प्रकृति के कारण होगा।
मौसम परिवर्तन के प्रमुख कारण
अभी जो मौसम बदलाव शुरू हो रहा है, वह केवल शुरुआती संकेत है। दिसंबर के दूसरे सप्ताह से उत्तर भारत में शीतलहर की स्थितियां बन सकती हैं। यदि हिमालय में बर्फबारी बढ़ी, तो मैदानी इलाके में सर्दी और तेज हो जाएगी।
संभावित अनुमान
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Updated on:
21 Nov 2025 08:36 pm
Published on:
21 Nov 2025 08:36 pm
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