9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

वासंतिक नवरात्रि के साथ ही श्रीरामनवमी उतस्व का आगाज, पहले दिन मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना

सूबे के सभी मंदिरों में भक्तों ने पूरे विधि विधान के साथ पूजा किया। इसी नवरात्रि के साथ हिंदू नववर्ष का भी प्रारंभ हुआ है। नवरात्रि के नौ दिन माता रानी के नौ रूपों की पूरे विधि विधान के साथ पूजा की जाती है।

2 min read
Google source verification
Devotees Worship on Vasantik Navratri First Day Chaitra Navratri

Devotees Worship on Vasantik Navratri First Day Chaitra Navratri

शनिवार से वासंतिक नवरात्र की शुरआत हो चुकी है। इसके साथ ही देवी मंदिरों में दर्शन पूजन का कार्यक्रम भी शुरू हो गया। मंदिरों में पूजा पाठ की शुरुआत माता रानी के जयकारे के साथ हुई। सूबे के सभी मंदिरों में भक्तों ने पूरे विधि विधान के साथ पूजा किया। इसी नवरात्रि के साथ हिंदू नववर्ष का भी प्रारंभ हुआ है। नवरात्रि के नौ दिन माता रानी के नौ रूपों की पूरे विधि विधान के साथ पूजा की जाती है। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन देवी शैलपुत्री की आराधना की जाती है। शनिवार को प्रदेश के कई मंदिरों में माता शैलपुत्री के मंदिर में भक्तों ने दर्शन पूजन किए। वासंतिक नवरात्रि के लिए शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की गई। इस बीच सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर के पाटेश्वरी मंदिर में पूजा अर्चना की। इससे पहले उन्होंने मंदिर परिसर में स्थापित गोरखनाथ जी महाराज, दानवीर कर्ण, मां अष्टभुजी दुर्गा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उसके बाद वह मंदिर के सूर्य कुंड के रास्ते होते हुए गौशाला पहुंचे और वहां पर मौजूद गोवंशों को गुड़ खिलाकर उनकी सेवा भी की।

सूबे के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़

नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्र में कलश स्थापना कर मां की आराधना की गई। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा अर्चना कर मनोवांछित फल की कामना की। अयोध्या स्थित रामायण कालीन देवी मां के मंदिरों से लेकर वैष्णव मंदिर में सुबह से ही भक्तों की कतार लगी रही। भक्त सुबह से ही मां का पूजन कर सुख समृद्धि की कामना करने लगे।

यह भी पढ़ें: सबसे प्राचीन है काशी में देवी शैलपुत्री का मंदिर, नवरात्रि के पहले दिन देती हैं साक्षात दर्शन, सुबह से दर्शन के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़

काशी में देवी शैलपुत्री के मंदिर में भक्तों ने किया दर्शन

धर्मनगरी काशी में नवरात्रि (Vasantik Navratri) की प्रथम आराध्य देवी, देवी शैलपुत्री के अलईपुरा स्थित मंदिर और काशी के सभी शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा रहा। इसी तरह चंदौली स्थित चहनिया में महड़ौरा कांवर के मध्य में गंगा किनारे मां महड़ौरी देवी के मंदिर में श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया। आस्थावानों ने गंगा स्नान के बाद मां के चरणों में मत्था टेका और मंगल की कामना की। इसके अलावा कंदवा में कर्मनाशा नदी के तट पर स्थित चिरईगांव में मां रेहड़ा देवी मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों का रेला लगा रहा।

यह भी पढ़ें: 10 अप्रैल से महिला सुरक्षा का विशेष अभियान, बीट स्तर पर तैनात होंगी कान्स्टेबल

रामनवमी उत्सव आज से प्रारम्भ

वासंतिक नवरात्रि के साथ ही चैत्र रामनवमी उत्सव की भी शुरुआत हो चुकी है। यह उत्सव अयोध्या के लिए बहुत ही ऐतिहासिक व महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन जहां लोग मां शक्ति की आराधना करते हैं। अयोध्या में स्थित 8000 से अधिक राम मंदिरों मठ मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान व कलश स्थापना किया गया। बड़ी संख्या में लोग विधि विधान पूर्वक पूजन किया और कलश में सरयू का जल लेकर अपने पूजा स्थलों पर कलश स्थापना की।