उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारी व पेंशनर्स की बिजली सप्लाई को लेकर बड़ बदलाव हुआ है। अब सभी को बिजली का बिल चुकाना होगा। ज्यादा दिन तक रियायती दर पर असीमित बिजली का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। आम उपभोक्ताओं की तरह उपयोग की गई बिजली का पूरा बिल चुकाना होगा। रियायती बिजली की सुविधा जारी रहने पर राज्य विद्युत नियामक आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए बिजली लोड के जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग ने पावर कॉर्पोरेशन से वर्ष 2018-19 से अब तक विभागीय कर्मियों को दी गई रियायती बिजली का पूरा हिसाब-किताब तलब किया है। इसके बाद कई बड़े बदलाव किए।
आयोग ने पूछे ये सवाल
बिजली लोड के लेकर आयोग ने पूछा है ऐसे कनेक्शनों की संख्या कितनी है, इनका लोड कितना है, इन्हें कितनी बिजली दी जा रही, इस पर खर्च कितना हो रहा है और इसके एवज में कितना राजस्व मिल रहा है? बिजली कंपनियों को एक सप्ताह में पूरा ब्योरा दाखिल करने के आदेश दिए गए हैं। ऐसे विभागीय कर्मियों और पेंशनरों के यहां मीटर लगाकर उन्हें घरेलू दर के दायरे में लाने की कवायद तेज कर दी गई है।