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गोदान फिल्म: सीएम योगी की प्रेरणा से गो संरक्षण और पंचगव्य संदेश युवाओं तक पहुंचेगा बड़े पर्दे पर

Godaan Movie Trailer Launch: लखनऊ में फिल्म ‘गोदान’ के निर्माता-निर्देशक विनोद चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की और फिल्म का ट्रेलर लॉन्च किया। फिल्म में गोमाता संरक्षण, पंचगव्य आधारित वैज्ञानिक दृष्टिकोण और भारतीय संस्कृति को बड़े पर्दे पर पेश किया गया है। 6 फरवरी को यह देशभर में रिलीज होगी।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Feb 01, 2026

गोदान’ फिल्म के निर्माता-निर्देशक से मुलाकात कर सीएम योगी ने सराहा गो संरक्षण का संदेश (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

गोदान’ फिल्म के निर्माता-निर्देशक से मुलाकात कर सीएम योगी ने सराहा गो संरक्षण का संदेश (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

Godaan Movie Launch: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गोमाता संरक्षण और भारतीय संस्कृति पर आधारित फिल्म ‘गोदान’ के निर्माता और निर्देशक विनोद चौधरी ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर फिल्म का ट्रेलर भी लॉन्च किया गया। फिल्म में गो संरक्षण, पंचगव्य आधारित वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक उत्तरदायित्व को प्रमुख रूप से दिखाया गया है। निर्माता विनोद चौधरी ने बताया कि सीएम योगी के गोरक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्यों से उन्हें फिल्म बनाने की प्रेरणा मिली।


‘गोदान’ केवल एक मनोरंजन फिल्म नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और गो संरक्षण का संदेश देती है। निर्माता विनोद चौधरी ने कहा कि प्रदेश में गो संरक्षण और गोशालाओं के विकास में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व प्रेरणादायक है। पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में 7,500 से अधिक गो आश्रय स्थल स्थापित किए गए हैं और 12 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश संरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा, हर जिले में गो संरक्षण समितियां बनाई गई हैं और जिला स्तर पर डीएम व एसएसपी नोडल अधिकारी बनाए गए हैं।

विनोद चौधरी ने बताया कि फिल्म में पंचगव्य से जुड़े पंच परिवर्तन को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ दिखाया गया है। इसमें यह संदेश दिया गया है कि पंचगव्य मानव जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। गाय के स्वास्थ्य लाभ, मानसिक शांति और रक्तचाप संतुलन पर भी इसका वैज्ञानिक प्रभाव दर्शाया गया है।

फिल्म में दर्शाया गया है कि गोमाता केवल पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता का अभिन्न हिस्सा हैं। विनोद चौधरी ने कहा कि युवा पीढ़ी धीरे-धीरे गाय के महत्व को भूलती जा रही है। फिल्म का उद्देश्य बच्चों, युवाओं और समाज के हर वर्ग को गोमाता के महत्व और उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।

साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से फिल्म को टैक्स-फ्री करने की अपील की। उनका कहना था कि यह फिल्म किसी एक जाति, धर्म या वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए है। इस अवसर पर फिल्म की पूरी टीम भी मौजूद रही, जिसमें विनोद चौधरी (निर्माता), शांतनु शुक्ला (प्रचार-प्रसार प्रमुख), डॉ. कपिल त्यागी (सीएमडी, यथार्थ हॉस्पिटल, नोएडा) और नवल किशोर शामिल थे।

सीएम योगी के गोरक्षा कार्य प्रेरणा का स्रोत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में गो संरक्षण और गोशालाओं का विकास अभूतपूर्व रहा है। उनके कार्यकाल में गो तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हुई और गो संरक्षण को शासन की प्राथमिकता बनाया गया। मुख्यमंत्री के निर्देशन में प्रदेश में गो सेवा और संरक्षण के लिए विभिन्न योजनाएं और समितियां बनाई गई हैं।

गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से गोमाता संरक्षण क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रबंध किए गए हैं। उनके नेतृत्व में गो संरक्षण न केवल सुरक्षा और संरचना तक सीमित है, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी इसे विकसित किया गया है।

फिल्म ‘गोदान’ का संदेश और महत्व

‘गोदान’ फिल्म में गोमाता के महत्व, पंचगव्य के लाभ और भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई गई है। फिल्म का उद्देश्य यह है कि नई पीढ़ी को गाय के महत्व और संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाए। फिल्म में दर्शाया गया है कि कैसे पंचगव्य का उपयोग स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। निर्माता ने कहा कि फिल्म केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग के लिए शिक्षा और संदेश का माध्यम है। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों को यह फिल्म सपरिवार देखनी चाहिए।

पंचगव्य

फिल्म में पंचगव्य आधारित पंच परिवर्तन को दिखाया गया है। इसमें यह दिखाया गया है कि कैसे गोमाता और उनके उत्पाद- दूध, घी, गोबर, मूत्र और गोमूत्र- मानव जीवन में शारीरिक और मानसिक लाभ पहुंचा सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पंचगव्य से रक्तचाप संतुलित होता है, मानसिक शांति मिलती है और कई बीमारियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। फिल्म निर्माता विनोद चौधरी ने कहा कि समाज में गाय केवल दूध देने वाली मशीन नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक है। फिल्म में इसे स्पष्ट और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है।

युवा पीढ़ी और गो संरक्षण

फिल्म का उद्देश्य युवाओं को गो संरक्षण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना है। निर्माता ने कहा कि नई पीढ़ी धीरे-धीरे गाय के महत्व को भूल रही है। फिल्म इसे पुनः जागरूक करने और नई पीढ़ी में गोरक्षा की भावना को विकसित करने का माध्यम बनेगी। विनोद चौधरी ने बताया कि इस फिल्म में पंचगव्य के वैज्ञानिक उपयोग और गो संरक्षण से जुड़े सामाजिक संदेश को बड़े पर्दे पर दिखाया गया है। यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेगा।

फिल्म की रिलीज़

‘गोदान’ फिल्म 6 फरवरी, 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। निर्माता ने कहा कि यह फिल्म समाज के सभी वर्गों के लिए है। विशेषकर युवाओं और बच्चों के लिए इसे देखना अत्यंत आवश्यक है। फिल्म में भारतीय संस्कृति, गो संरक्षण और पंचगव्य विज्ञान का संदेश स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया गया है।