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UP News: ये बनने जा रहा पहला निजी स्वामित्व वाला रेलवे स्टेशन; लग्जरी सुविधाओं से होगा लैस!

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश का एक रेलवे स्टेशन निजी स्वामित्व वाला रेलवे स्टेशन बनने जा रहा है। यहां एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

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लखनऊ

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Harshul Mehra

Aug 28, 2025

Lucknow News

गोमती नगर बनने जा रहा निजी स्वामित्व वाला रेलवे स्टेशन; फोटो सोर्स-Ai

Uttar Pradesh News: लखनऊ का गोमती नगर रेलवे स्टेशन (Gomti Nagar Railway Station) उत्तर प्रदेश का पहला निजी स्वामित्व वाला रेलवे स्टेशन बनने जा रहा है। यह बदलाव भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसे एकीकृत स्टेशन सुविधा प्रबंधन प्रणाली (ISFMS) के तहत लागू किया जा रहा है।

पार्किंग जैसी सेवाएं निजी प्रबंधन के होगी अधीन

इस सिस्टम के तहत ट्रेनों की आवाजाही, टिकटिंग और यात्री सुरक्षा को छोड़कर, स्टेशन के दैनिक संचालन निजी कंपनियों द्वारा संभाले जाएंगे। स्टेशन की सफाई, खानपान, पार्किंग और यात्री सहायता जैसी सेवाएं निजी प्रबंधन के अधीन होंगी। रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) को इस प्रक्रिया की निगरानी और कंपनियों को इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित करने का काम सौंपा गया है।

9 साल के लिए दिया जाएगा लाइसेंस

निजी ऑपरेटरों को 9 साल के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। जिसे 3 साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है। समझौते के तहत आय का 15 प्रतिशत RLDA को जाएगा, जबकि 85 प्रतिशत भारतीय रेलवे के पास रहेगा।

रेलवे स्टेशन पर मिलेंगी हवाई अड्डे जैसी सुविधाएं

इस कदम से यात्रियों के अनुभव में बदलाव आने की उम्मीद है। निजी कंपनियों द्वारा सुविधाओं के प्रबंधन के साथ गोमती नगर में हवाई अड्डे जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। ऐसे में यात्री स्वच्छ परिवेश, व्यवस्थित फूड कोर्ट, डिजिटल सूचना डिस्प्ले, आधुनिक प्रतीक्षालय और बेहतर भीड़ प्रबंधन की उम्मीद कर सकते हैं।

76 ट्रेनों का होता है रोजाना संचालन

गोमती नगर रेलवे स्टेशन पूर्वी उत्तर प्रदेश के रेलवे नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहां प्रतिदिन लगभग 76 ट्रेनों का संचालन होता है। यहां प्लेटफॉर्म की संख्या 6 है जो गोरखपुर, छपरा और बरौनी के लिए सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। इस स्टेशन का पहले ही सौर ऊर्जा सिस्टम, एस्केलेटर, लिफ्ट और नए व्यावसायिक स्थानों जैसी सुविधाओं के साथ पुनर्विकास किया जा चुका है।

एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि इस सार्वजनिक-निजी भागीदारी से यात्री सुविधा में सुधार होगा। हालांकि इस बात की चिंता है कि निजी भागीदारी से सेवा शुल्क बढ़ सकता है।