
UP Electricity Supply: यूपी में बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। UPPCL यानी उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए एक आदेश जारी किया है। इसके तहत यूपी में लगातार तीन महीने से स्वीकृत भार से ज्यादा बिजली उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन में भार बढ़ाने से पहले उपभोक्ता को नोटिस देना जरूरी किया गया है। इसके बाद ही बिजली कंपनियां उपभोक्ता के कनेक्शन में विद्युत भार बढ़ा सकेंगी। यानी अब बिना उपभोक्ता को बताए बिजली कंपनियां आपके बिजली कनेक्शन का भार नहीं बढ़ा पाएंगी।
बिजली निगम के वाणिज्य निदेशक अमित कुमार श्रीवास्तव ने आदेश जारी किया है। इसमें स्पष्ट लिखा गया है कि ऐसे उपभोक्ताओं को एक महीने का नोटिस जारी किया जाए। जो स्वीकृत भार से ज्यादा बिजली का उपयोग करते हैं। इसके बाद ही उनके कनेक्शन में बिजली का भार बढ़ाया जाए।
दरअसल, बिजली कंपनियां बिना नोटिस उपभोक्ताओं के कनेक्शन का भार बढ़ा रही थीं। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार ने पावर कारपोरेशन प्रबंधन के उच्च अधिकारियों के सामने इसपर आपत्ति दर्ज कराते हुए नियामक आयोग के नियमों का पालन कराने की मांग की थी।
यूपी बिजली उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बताया "मार्च 2024 में उत्तर प्रदेश के 3.45 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं का स्वीकृत भार 7.38 करोड़ किलोवाट था। इसके मुकाबले पारवर कारपोरेशन के 132 केवी बिजली सब स्टेशनों की कुल क्षमता करीब 5.86 करोड़ किलोवाट ही है। ऐसे में बिजली कंपनियों को पहले अपने सिस्टम की क्षमता बढ़ाने पर फोकस करना चाहिए। इसके बाद उपभोक्ताओं के कनेक्शन में भार बढ़ाने पर विचार करना चाहिए।"
उन्होंने आगे बताया "इस समय उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में जब उपभोक्ता अपने स्वीकृत भार के बराबर बिजली का उपभोग कर रहे हैं। तब बिजली कंपनियों का सिस्टम कांप रहा है। इसकी वजह से उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली नहीं मिल पा रही है। ऐसे में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन प्रबंधन पहले अपने सिस्टम का भार बढ़ाए। ताकि उपभोक्ताओं को उनके स्वीकृत भार के बराबर बिजली हमेशा मिल सके। इसके बाद जो उपभोक्ता अपने स्वीकृत भार से ज्यादा बिजली उपभोग करेंगे। उनके कनेक्शन का भार बढ़ाने पर विचार किया जाए।"
शनिवार को UPPCL यानी उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन प्रबंधन के वाणिज्य निदेशक अमित कुमार श्रीवास्तव की ओर से आदेश जारी किया गया। इसमें कहा गया कि पश्चिमांचल, दक्षिणांचल, मध्यांचल और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड विगत तीन महीने से निरंतर स्वीकृत भार के सापेक्ष अधिक भार का उपभोग करने वाले बिजली उपभोक्ताओं को प्रणाली जनित नोटिस जारी किया जाए। इसमें बिजली उपभोक्ताओं को कनेक्शन के भार वृद्घि की जानकारी दी जाए। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता 2005 की धारा 6.9 (B)(V) के अनुसार करने का आदेश दिया गया है।
Updated on:
19 May 2024, 4:09 PM IST
Published on:
19 May 2024, 4:09 PM IST
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