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मौसम में फिर होगा बदलाव, 20 जून तक दस्तक देगा मॉनसून

दक्षिण पश्चिम मॉनसून के केरल में दस्तक देने के बाद जल्द ही उत्तर प्रदेश में मॉनसून की शुरूआत हो जाएगी

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मौसम में फिर होगा बदलाव, 20 जून तक यूपी में दस्तक देगा मॉनसून

मौसम में फिर होगा बदलाव, 20 जून तक यूपी में दस्तक देगा मॉनसून

लखनऊ. मॉनसून (Monsoon) ने केरल में दस्तक दे दी है। दक्षिण पश्चिम मॉनसून के केरल में दस्तक देने के बाद जल्द ही उत्तर प्रदेश में मॉनसून की शुरूआत हो जाएगी। मौसम विभाग का मानना है कि उत्तर प्रदेश में 20 जून तक मॉनसून पहुंच सकता है। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र का कहना है कि दक्षिणी-पश्चिमी मॉनसून 20 जून तक पूर्वांचल (गोरखपुर या वाराणसी) के रास्ते उत्तर प्रदेश में दाखिल हो सकता है। इस बार मॉनसून में सामान्य के आसपास बारिश होने की संभावना जताई गई है।

सोमवार को राजधानी लखनऊ व प्रदेश के विभिन्न शहरों का तापमान सामान्य रहा। आसमान साफ हुआ तो धूप निकली, मगर गर्मी से राहत ही नजर आई। मौसम विभाग की मानें तो इस बार सामान्य से 7-8 फीसदी ज्यादा बारिश हो सकती है लेकिन यह स्तर बहुत ज्यादा नहीं रहेगा। यह मौसम की दिशा और दशा पर निर्भर करेगा। अगर मॉनसून समय पर आया को किसानों के लिए फायदेमंद होगा।

खरीफ फसलों को फायदा

स्थानीय मौसम विभाग निदेशक जेपी गुप्ता ने कहा कि आने वाले दिनों में मौसम में परिवर्तन देखने को मिलेगा। बीच-बीच में तेज हवाएं चलेंगी। तापमान में उतार-चढ़ाव रहेगा। एक दो स्थानों पर बूंदाबांदी की भी आशंका है। 20 जून से यूपी में मॉनसून की शुरुआत होगी। यह बारिश किसानों के लिए अमृत के समान होगी। इस मौसम में खरीफ की फसलें बिजाई के लिए फायदेमंद रहेंगी।

केला, मेंथा और टमाटर को नुकसान

यूपी में तीन दिन पहले बारिश के साथ आई आंधी ने जिले के टमाटर व केला के किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। केला की फसलें तो इस कदर गिरी हैं कि उनका अब खड़ा हो पाना ही मुमकिन नहीं दिखता है। यह नुकसान हरख के गांवों में ज्यादा है। उधर, मेंथा के किसान खेतों में पानी भरने से परेशान हैं। उनका कहना है कि अगर जल्दी बारिश का पानी खेतों से बाहर नहीं निकला तो नुकसान की भरपाई मुश्किल होगी।

बाराबंकी नगर से सटे पाटमऊ के किसान संगमलाल की तीन बीघा, शिवकुमार व रामभरत, विपिन कुमार ने बताया कि केला की फसलें जमीन से जड़ सहित उखड़ गईं। गांव में करीब 100 बीघा में किसानों ने इस बार केला की फसल ली थी। यह फसलें शतप्रतिशत धराशायी हुई है। किसानों ने बताया कि केला की फसल खराब होने से उन लोगों का प्रति बीघा करीब 80 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।

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