
लोकसभा चुनाव के वक्त नरेन्द्र मोदी ने विदेशी बैंकों में जमा काला धन वापस लाने का वादा किया था। मोदी ने कहा था कि विदेशी बैंकों में जमा काला धन वापस आ गया तो हर भारतीय के बैंक अकाउंट में 15 लाख रुपए जमा होंगे। मोदी की इस बात को बाद में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने जुमला करार दिया था।
बैंक के चक्कर काट रहे हैं विश्वजीत
लेकिन यूपी के एक शख्स के बैंक अकाउंट में 15 नहीं 21 लाख रुपए जमा हो गए। अगर किसी के अकाउंट में इतनी रकम जमा हो जाए तो वह खुशी के मारे नाचले लगा है लेकिन विश्वजीत शुक्ल के दिमाग का दही हो गया है क्योंकि 500 और 1000 के नोट बैन हो चुके हैं। अब विश्वजीत बैंकों के चक्कर काट रहा है।
जानकारी के मुताबिक एसबीआई दिलीपपुर के खाताधारक विश्वजीत शुक्ल के खाते में अचानक 21 लाख 79 हजार 702 रुपए आ गए। यह पैसा ई पेमेंट के माध्यम से यूपी स्टेट कंपनी से आया है।
पेशे से इंश्योरेंस एजेंट है
विश्वजीत प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं और इनका खाता एसबीआई की ब्रांच में है। पेशे से इंश्योरेंस एजेंट है। इनका खाता कई सालों से चल रहा है। जब इन्हें पता चला कि 500 और 1000 रुपए के नोट बंद हो गए हैं तो ये सीधे बैंक पहुंचे। इन्होंने अपने अकाउंट में 14 हजार रुपए जमा किए थे और उसी की एंट्री कराने गए थे।
इन्हें पता चला कि यूपी स्टेट कंपनी के अकाउंट से इनके खाते में ई पेमेंट के जरिए 21 लाख 79 हजार 702 रुपए ट्रांसफर किए गए है। ब्रांच के मैनेजर एनसी दुबे ने इसे दूसरी ब्रांच का मामला बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
गंगा में बहते मिले 500-1000 के नोट
प्रधानमंत्री की काले धन के खिलाफ शुरू हुई सर्जिकल स्ट्राइक का असर देश भर में दिखने लगा हैं। कालधन जमा कर रखे लोग कहीं पैसे को लावारिस फेंक रहे हैं, तो कहीं नोटों को जलाया जा रहा है। ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश में मिर्ज़ापुर में सामने आया, जहां 500 व 1000 के नोट गंगा नदी में बहते हुए मिले।
Published on:
14 Nov 2016, 7:21 PM IST
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