
शुरुआती जांच में पता चला है कि विभाग से गद्दारी की वजह से ही बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मी शहीद हुए हैं
लखनऊ. कानपुर शूटआउट (Kanpur Shootout) मामले में तत्कालीन चौबेपुर थानेदार विनय कुमार तिवारी और हलका इंचार्ज केके शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि विभाग से गद्दारी की वजह से ही बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मी शहीद हुए हैं। पुलिस को मिली कॉल रिकॉर्डिंग साफ हो गया है कि दो जुलाई की रात को पुलिस की दबिश के पहले चौबेपुर के थाना इंजार्ज विनय कुमार तिवारी और हलका दारोगा केके शर्मा ने विकास दुबे को सूचना दी थी। कॉल रिकॉर्डिंग के मुताबिक, गिरफ्तार थानेदार विनय कुमार तिवारी ने विकास दुबे को फोन कर कहा था कि सीओ देवेंद्र मिश्र आ रहे हैं। आज आरपार कर दो, वरना तुम्हारा एनकाउंटर हो जाएगा। इसके बाद बिकरू गांव में विकास दुबे ने यह खूनी खेल खेला। खुलासे के बाद दोनों पुलिसकर्मियों के बर्खास्तगी तैयारी शुरू हो गई है।
शुरुआती जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि चौबेपुर थानेदार से पहले हलका इंचार्ज रहे दारोगा ने विकास दुबे को पुलिस के दबिश की सूचना दी थी। इसके बाद गैंगस्टर ने थाने के एक सिपाही से बात की और कहा कि आने दो सभी को मार दूंगा। सिपाही ने विकास दुबे के मंसूबों की जानकारी थानेदार को दी, लेकिन वह अनसुना कर गये। अब तक की जांच में स्पष्ट हो गया है कि विनय कुमार तिवारी और केके शर्मा की गद्दारी की वजह से 8 पुलिसवाले शहीद हुए। इनकी सूचना के बाद विकास दुबे ने पूरी तैयारी के साथ खूनी खेल खेला था।
खाते सीज, बर्खास्तगी की तैयारी
गद्दार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया जाएगा। बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मोबाइल जब्त कर सभी के खाते सीज कर दिये गये हैं। दोनों के खिलाफ पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं।
Updated on:
09 Jul 2020 09:27 am
Published on:
09 Jul 2020 09:22 am
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