
लखनऊ. कैबिनेट मिनिस्टर स्वामी प्रसाद मौर्या ने मोहम्मद अली जिन्ना की तारीफ क्या की, उन पर चौतरफा हमले शुरू हो गये। विपक्षी दलों के साथ-साथ बीजेपी के ही बड़े नेताओं ने सरकार में मंत्री स्वामी स्वामी प्रसाद मौर्या पर तीखा हमला बोला है। एटा से भाजपा सांसद हरिनाथ सिंह पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर उन पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, वहीं सूबे के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने मंत्री के बयान को अनुचित बताते हुए कहा कि बीजेपी संगठन स्वामी प्रसाद मौर्या का भविष्य तय करेगा।
जिन्ना प्रकरण पर बोलते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि जिन्ना की तस्वीर तो दूर की बात है, माइक पर बार-बार जिन्ना का नाम लेना ही गलत है। उनकी सरकार के मंत्री द्वारा जिन्ना को महापुरुष करार दिये जाने पर डिप्टी सीएम ने कहा कि उनका भविष्य पार्टी संगठन ही तय करेगा। उन्होंने कहा कि जिन्ना का नाम लेना भी गुनाह है। मंत्री ने अगर ऐसा बयान दिया है तो पार्टी संगठन के सामने उनको स्पष्टीकरण देना होगा। उन्होंने कहा कि मामले में पार्टी हाईकमान के सामने स्वामी प्रसाद मौर्या को पार्टी फोरम में अपना स्प्ष्टीकरण देना होगा।
महात्मा गांधी और सुभाषचंद्र बोस के बारे में बतायें जनप्रतिनिधि
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मोहम्मद जिन्ना कातिल है और आगे भी कातिल ही रहेगा। वह कभी हमारा हितैषी नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि देश के जनप्रतिनिधियों को हमारी सलाह है कि वह जनता के बीच में जिन्ना के बजाय डॉ. भीमराव आंबेडकर, महात्मा गांधी, अब्दुल कलाम , भगत सिंह और सुभाषचंद्र बोस जैसे वीर सपूतों के बारे में बतायें।
स्वामी प्रसाद मौर्या को डिप्टी सीएम की सलाह
डिप्टी सीएम ने कहा कि हो सकता है मंत्री जी कुछ और कहना चाहते हों और मुंह से कुछ और निकल गया हो। उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्या को सलाह देते हुए कहा कि अपने बयान को लेकर उन्हें स्पष्टीकरण देना चाहिये। गौरतलब है कि गुरुवार को उन्नाव में स्वामी प्रसाद मौर्या कहा था कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़ के पेश किया है।
Published on:
04 May 2018 06:44 pm
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