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कौन हैं समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद रिजवान जहीर? गैंगस्टर मामले में कोर्ट से मिली राहत, लखनऊ खंडपीठ ने क्या कहा

Samajwadi Party Former MP Rizwan Zaheer Latest News: जानिए, समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद रिजवान जहीर के बारे में जिनको गैंगस्टर मामले में कोर्ट से राहत मिली है।

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लखनऊ

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Harshul Mehra

Jun 03, 2026

know about former samajwadi party mp rizwan zaheer got relief from court in gangster case lucknow

जानिए समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद रिजवान जहीर के बारे में। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

Samajwadi Party Former MP Rizwan Zaheer Latest News: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बलरामपुर के पूर्व समाजवादी पार्टी सांसद रिजवान जहीर और उनके दामाद रमीज नेमत को बड़ी राहत प्रदान की है। अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मामले में दाखिल चार्जशीट, ट्रायल कोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान और जारी समन आदेश को निरस्त कर दिया है।

न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि पुलिस और प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट लगाने से पहले कानून में निर्धारित आवश्यक प्रक्रियाओं और शर्तों का समुचित पालन नहीं किया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति के खिलाफ केवल आपराधिक मुकदमे दर्ज होना ही गैंगस्टर एक्ट लगाने का पर्याप्त आधार नहीं माना जा सकता।

2024 में दर्ज हुआ था गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा

मामला बलरामपुर जिले के तुलसीपुर थाने में वर्ष 2024 में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे से जुड़ा है। पुलिस ने इस मामले में रमीज नेमत को कथित गिरोह का सरगना और पूर्व सांसद रिजवान जहीर को गिरोह का सदस्य बताया था।

पुलिस द्वारा तैयार किए गए गैंग चार्ट में 2 आपराधिक मामलों को आधार बनाया गया था। इनमें से एक मामले में रिजवान जहीर और रमीज नेमत दोनों नामजद थे, जबकि दूसरे हत्या के मामले में केवल रमीज नेमत आरोपी थे। इसी आधार पर दोनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई थी।

अदालत ने प्रक्रिया पर उठाए सवाल

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि गैंगस्टर एक्ट जैसे कठोर कानून के इस्तेमाल के लिए निर्धारित कानूनी मानकों का पालन जरूरी है। अदालत के अनुसार पुलिस और प्रशासन यह साबित करने में असफल रहे कि इस मामले में गैंगस्टर एक्ट लगाने के लिए आवश्यक शर्तें पूरी की गई थीं।

कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों के आधार पर स्वतः गैंगस्टर एक्ट नहीं लगाया जा सकता, बल्कि इसके लिए कानून के तहत निर्धारित तथ्यों और परिस्थितियों का स्पष्ट रूप से मौजूद होना आवश्यक है।

कौन हैं रिजवान जहीर?

रिजवान जहीर उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत बलरामपुर जिले में एक निर्दलीय नेता के रूप में की थी। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने के बाद वह राजनीति में सक्रिय हुए और स्थानीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।

विधायक से सांसद तक का सफर

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिजवान जहीर पहली बार वर्ष 1989 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में तुलसीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने 1993 में समाजवादी पार्टी और 1996 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर भी तुलसीपुर सीट से जीत हासिल की। विधानसभा राजनीति में सफलता के बाद उन्होंने लोकसभा का रुख किया और वर्ष 1998 तथा 1999 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर बलरामपुर लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुए।

परिवार का भी रहा राजनीतिक प्रभाव

रिजवान जहीर का परिवार लंबे समय तक बलरामपुर की राजनीति में प्रभावशाली रहा है। उनकी पत्नी हुमा रिजवान दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं और वर्ष 2005 से 2010 के बीच जिले की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने अपने भाई सलमान जहीर और नौमान जहीर को भी विधानसभा चुनाव लड़वाया, हालांकि दोनों को चुनावी सफलता नहीं मिल सकी।

फैसले के बाद मिली बड़ी कानूनी राहत

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद रिजवान जहीर और रमीज नेमत को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अदालत के आदेश के साथ ही उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई पूरी कार्रवाई, चार्जशीट, ट्रायल कोर्ट का संज्ञान और समन आदेश प्रभावहीन हो गए हैं। यह फैसला गैंगस्टर एक्ट के इस्तेमाल को लेकर पुलिस और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर भी महत्वपूर्ण टिप्पणी माना जा रहा है।