28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Panchayat Chunav Update UP: पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर! ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने के आदेश को कोर्ट में चुनौती

Panchayat Chunav Update: पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Harshul Mehra

•

Updated: 3 Jun 2026, 9:54 AM IST

panchayat chunav update decision to appoint pradhans as administrators in up stayed allahabad high court

पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट। फोटो सोर्स-ai

Panchayat Chunav Update:उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रदेश सरकार के उस फैसले को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में चुनौती दी गई है, जिसके तहत ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें ही संबंधित पंचायतों का प्रशासक नियुक्त कर दिया गया है। मामले पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य सरकार के अनुरोध पर अगली सुनवाई के लिए 3 जून की तारीख तय की है।

जनहित याचिका पर हुई प्रारंभिक सुनवाई

न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने मंगलवार को इस मामले में दाखिल जनहित याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई की। यह याचिका ओमप्रकाश प्रजापति की ओर से दाखिल की गई है, जिसमें राज्य सरकार के आदेश को चुनौती दी गई है।

कार्यकाल समाप्त होने के बाद जारी हुआ था आदेश

बता दें कि हाल ही में उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतोंके प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया था। इसके बाद राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर संबंधित ग्राम प्रधानों को ही उनकी पंचायतों का प्रशासक नियुक्त कर दिया। सरकार के इस फैसले के बाद पंचायतों के प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी फिलहाल उन्हीं प्रधानों के पास बनी हुई है।

याचिकाकर्ता ने कानून की मंशा के खिलाफ बताया फैसला

याचिकाकर्ता का कहना है कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद पूर्व प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त करना कानून की मूल भावना और मंशा के विपरीत है। याचिका में मांग की गई है कि राज्य सरकार के इस आदेश को निरस्त किया जाए और वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप व्यवस्था लागू की जाए।

3 जून को होगी अगली सुनवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने इसे शीघ्र सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। अब इस महत्वपूर्ण मामले पर 3 जून को विस्तृत सुनवाई होगी, जहां राज्य सरकार और याचिकाकर्ता दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क अदालत के समक्ष रखेंगे।

पंचायत चुनाव टलने की चर्चा तेज

बता दें कि संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा के मुताबिक, पिछड़ा आयोग अभी 2011 की जनगणना के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर रहा है, जबकि पिछले 15 वर्षों में सामाजिक और जनसंख्या संबंधी हालात काफी बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी चर्चा है कि पंचायत चुनाव अब विधानसभा चुनाव के बाद कराए जा सकते हैं। संगठन सरकार और आयोग के सामने नई जनगणना के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने की मांग रखेगा।