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यहां प्रचार खर्च में कांग्रेस रही सबसे आगे, तो सपा ने दिखाई कंजूसी

चुनाव प्रचार में गठबंधन, भाजपा, कांग्रेस और अन्य दलों ने इतने रुपये किए खर्च

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यहां प्रचार खर्च में कांग्रेस रही सबसे आगे, तो सपा ने दिखाई कंजूसी

लखनऊ. चुनाव में प्रचार कर अक्सर प्रत्याशी लाखों रुपये खर्च करते हैं। पांचवे चरण के लोकसभा चुनाव में भी कुछ ऐसा ही हुआ। सपा, कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों ने पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ा। यूपी में अपना अस्तित्व वापस पाने की नुमाइश में लगी कांग्रेस ने तीनों ही पार्टियों में खुले हाथ खर्च किया। लखनऊ से पार्टी के प्रत्याशी आचार्य प्रमोद कृष्णम 40.10 लाख के खरिच के साथ सबसे आगे रहे। भाजपा प्रतायाशी राजनाथ सिंह ने अपने खर्च में कोताही बरती। 4 मई को व्यय कमेटी के समक्ष उन्होंने अब तक 19.44 लाखके खर्च का ब्योरा प्रस्तुत किया। खर्च के मामले सबसे पीछे हैं गठबंधन से सपा उम्मीदवार पूनम सिन्हा, जिन्होंने प्रचार मद के तीसरे दौर तक 15.23 लाख रुपये ही खर्च किए।

लखनऊ से सटे मोहनलालगंज से भाजपा के कौशल किशोर चुनावी खर्च में सबसे आगे रहे। तीसरे दौर तक उन्होंने करीब 37.11 लाख खर्च किए। वहीं गठबंधन से बसपा प्रत्याशी सीएल वर्मा ने 15.97 लाख खर्च किए। चुनावी खर्च से जुड़ी व्यय कमेटी के प्रभारी व सीटीओ कलेक्ट्रेट ट्रेजरी संजय सिंह ने बताया कि प्रत्याशियों ने दो मई तक हुए खर्च का विवरण प्रस्तुत किया है।

इन राजनीतिक पार्टियों ने किए 10 लाख से कम खर्च

छोटे राजनीतिक दलों व निर्दलीय प्रत्याशियों में लखनऊ से नागरिक एकता पार्टी के शमीम खान ने 7.40 लाख का खर्च किया। सर्वोदय भारत पार्टी के गिरीश नारायण पाण्डेय ने 1.56लाख रुपये और पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया के देव नारायण सिंह ने 1.22 लाख रुपये खर्च किए। मोहनलालगंज से प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार गणेश रावत ने 4.25 लाख रुपये खर्च किए। इसी सीट से पीपल्स पार्टी ऑफ डेमोक्रेटिक की राधा देवी अंबेडकर ने 1.15 लाख चुनाव प्रचार में लगाए।

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