
बहन को स्कूल छोड़कर लौट रहे 11वीं के छात्र की बस से टकराकर मौत; पिता ने पोस्टमार्टम से किया इनकार (फोटो सोर्स : Whatsapp Group)
Accident Aashiyana: लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह हुए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले वैभव झा (17) की बुलेट और प्राइवेट बस की टक्कर में मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी शाश्वत गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा सुबह करीब 7:15 बजे हुआ, जब वैभव अपनी छोटी बहन को स्कूल छोड़कर घर लौट रहा था। परिवार, स्कूल और स्थानीय लोगों के अनुसार वैभव घर का इकलौता बेटा था। पिता ने उसके जन्मदिन पर महज 22 दिन पहले ही उसे बुलेट गिफ्ट की थी। उसी बुलेट पर आज उसने अपनी जान गंवा दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्टेला मारिस इंटर कॉलेज के पास स्थित सड़क पर वैभव बुलेट से अपनी बहन को स्कूल छोड़कर जैसे ही 50–60 मीटर आगे बढ़ा, एक प्राइवेट बस ने बिना संकेत के अचानक रिवर्स लेना शुरू कर दिया। बस की पिछली तरफ से बुलेट टकरा गई और वैभव जोरदार तरीके से बस के नीचे आ गया। जब तक स्थानीय लोग भागकर मौके पर पहुंचे, वैभव ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। उसका दोस्त शाश्वत सड़क पर घायल अवस्था में तड़प रहा था। हेलमेट पहनने की वजह से शाश्वत की जान बच गई।
हादसे के बाद बस ड्राइवर मौके से भागने लगा, लेकिन एक ऑटो चालक की सूझबूझ से उसे कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया गया। लोगों ने मिलकर ड्राइवर को काबू में किया और पास के स्कूल परिसर में बैठा दिया। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। आशियाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल को अस्पताल भेजा और वैभव के शव का पंचनामा तैयार किया।
वैभव के नाना ने बताया कि उसके पिता संतोष कुमार (पेशे से वकील) ने वादा किया था कि अच्छे नंबर आने पर उसे बुलेट गिफ्ट करेंगे। पिछले महीने हाईस्कूल के अच्छे परिणाम के बाद, पिता के जन्मदिन (22 दिन पहले) पर उन्होंने बुलेट खरीदी और बेटे को भेंट की थी। परिजनों के मुताबिक, वैभव बुलेट बहुत कम चलाता था। वह नाबालिग था, इसलिए उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। परिवार ने सुरक्षा के लिए हेलमेट भी दिया था, जिसे उसने सुबह घर से निकले समय पहन रखा था, पर वह हेलमेट दोस्त शाश्वत को दे दिया।
पिता संतोष कुमार जो मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और आलमबाग के मधुवन नगर में परिवार सहित रहते हैं, घटना से इतने आहत थे कि उन्होंने पोस्टमॉर्टम से साफ इनकार कर दिया। पुलिस ने परिजनों की सहमति पर पंचनामा कर शव उन्हें सौंप दिया। शाम को गोमती नगर स्थित बैकुंठ धाम में वैभव का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में 500 से अधिक वकील, रिश्तेदार और स्कूल के छात्र शामिल हुए। आशियाना SHO छत्रपाल सिंह ने बताया कि परिजन ने स्पष्ट कहा है कि वे किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं करना चाहते।
स्टेला मारिस इंटर कॉलेज प्रबंधन ने वैभव की तस्वीर जारी करते हुए छात्रों व अभिभावकों को संदेश भेजा ,हमें अत्यंत दुख है कि हमारे प्यारे छात्र वैभव झा का देहांत हो गया। वह हमेशा हमारी यादों और दिलों में जीवित रहेगा। एक अन्य संदेश में स्कूल ने शाश्वत के घायल होने की जानकारी दी और अभिभावकों से अस्पताल पहुंचने की अपील की।
लोगों ने बताया कि यदि वैभव हेलमेट पहन रहा होता तो शायद उसकी जान बच जाती। पुलिस ने दुर्घटना की परिस्थितियों, बस ड्राइवर की गलती और स्कूल के आसपास जाम की स्थिति को लेकर ट्रैफिक विभाग से रिपोर्ट मांगी है। स्थानीय लोगों ने सड़क पर खड़ी प्राइवेट बसों, अवैध पार्किंग और नियमों की अवहेलना को इस तरह की दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बताया।
वैभव के माता-पिता और ननिहाल में कोहराम मचा हुआ है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार को अब भी यकीन नहीं है कि उनका 11वीं कक्षा में पढ़ने वाला हंसमुख, पढ़ाकू और जिम्मेदार बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। परिजनों ने कहा कि जो बुलेट उसकी खुशी के लिए लाई गई थी, वही उसकी मौत का कारण बन जाएगी-कभी सोचा भी नहीं था।
SHO ने बताया कि ड्राइवर को पकड़ लिया गया है और उससे पूछताछ चल रही है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि बस ड्राइवर ने बैक गियर में बस चलाते समय पीछे ध्यान नहीं दिया। बुलेट चलाने वाला नाबालिग होने के कारण सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं कर रहा था। हेलमेट न पहनना दुर्घटना की घातकता का बड़ा कारण बना। पुलिस मामले की आगे की कार्रवाई पर विचार कर रही है।
Updated on:
07 Nov 2025 09:31 pm
Published on:
07 Nov 2025 09:31 pm
