
यूपी में दीपावली पर बिकेंगे सिर्फ ग्रीन पटाखे, अन्य पटाखों पर लगा बैन
लखनऊ. No Firecracker, Only Green Crackers Diwali 2021 उत्तर प्रदेश में दीपावली पर इस बार केवल हरित (ग्रीन) पटाखों की बिक्री होगी। अन्य सभी किस्म के पटाखों की बिक्री सख्ती के साथ प्रतिबंधित होगी। गृह विभाग ने सूबे में पटाखों की बिक्री को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं।
वायु गुणवत्ता की निगरानी के बाद लिया गया निर्णय :- प्रदेश के 27 शहरों में वायु गुणवत्ता की लगातार निगरानी के बाद सरकार ने यह फैसला लिया कि इस दीवाली में ग्रीन पटाखे ही बिकेंगे। अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रदेश के 27 शहरों में वायु गुणवत्ता की निगरानी की जा रही है। वर्ष 2021 में जनवरी से सितंबर तक इनमें शामिल लखनऊ, कानपुर, आगरा, सोनभद्र, गजरौला, गाजियाबाद, हापुड़, वाराणसी, नोएडा, फिरोजाबाद, झांसी, खुर्जा, प्रयागराज, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, रायबरेली, मथुरा, सहारनपुर, गोरखपुर, उन्नाव, ग्रेटर नोएडा, मुजफ्फरनगर, बागपत, बुलंदशहर, अलीगढ़ व अयोध्या वायु गुणवत्ता स्तर थोड़ा प्रदूषित (माडरेट) पाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया गया :- सुप्रीम कोर्ट ने 23 जुलाई, 2021 के आदेश में स्पष्ट किया है कि क्षेत्र की वायु गुणवत्ता थोड़ी प्रदूषित अथवा अच्छी है तो संबंधित प्राधिकारी हरित पटाखों की बिक्री व उपयोग की अनुमति दे सकते हैं। इसको आधार बनाते हुए शासन ने निर्धारित समय सीमा के लिए हरित पटाखों की बिक्री व उपयोग की अनुमति प्रदान करने का निर्णय किया है। इस संबंध में गृह विभाग ने आदेश जारी किया है। अपर मुख्य सचिव, गृह का कहना है कि पटाखों की बिक्री और उपयोग को लेकर सभी डीएम को निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर डीएम हरित पटाखों की बिक्री व उपयोग की समय सीमा तय करेंगे।
ग्रीन पटाखे चलाने का वक्त् निर्धारित :- दीवाली की शाम सिर्फ 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे चलाए जा सकते हैं। इसके अलावा क्रिसमस और नववर्ष पर रात 11.55 से 12.30 तक पटाखे चलाए जा सकते हैं।
ग्रीन पटाखे क्या होते हैं?:- ग्रीन पटाखे से करीब 30 से 40 फीसद प्रदूषण कम होता है। इसमें वायु प्रदूषण को बढ़ावा देने वाले हानिकारक रसायन एल्युमिनियम, बैरियम, पौटेशियम नाइट्रेट व कार्बन का प्रयोग नहीं किया जाता है अथवा इनकी मात्रा काफी कम होती है।
Published on:
30 Oct 2021 08:02 am
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