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Mahakumbh 2025: अद्भुत कलाकृतियों से सजे प्रयागराज के रेलवे स्टेशन, सांस्कृतिक और आध्यात्मिकता का संगम

Mahakumbh 2025: महाकुंभ 2025 की तैयारियों के तहत प्रयागराज के रेलवे स्टेशनों को "पेंट माई सिटी" अभियान के तहत अद्भुत कलाकृतियों से सजाया गया है। ये कलाकृतियां भारतीय संस्कृति, पौराणिक कथाओं, और आध्यात्मिकता की झलक पेश करती हैं, जो शहर को महाकुंभ के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक अद्वितीय अनुभव में बदल रही हैं।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Jan 07, 2025

महाकुंभ 2025 के लिए प्रयागराज में भव्य तैयारियां, रेलवे स्टेशनों पर पेंट माई सिटी अभियान से सांस्कृतिक झलकियां

महाकुंभ 2025 के लिए प्रयागराज में भव्य तैयारियां, रेलवे स्टेशनों पर पेंट माई सिटी अभियान से सांस्कृतिक झलकियां

Mahakumbh 2025: महाकुंभ 2025 की भव्यता को प्रस्तुत करने के लिए प्रयागराज में तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार "पेंट माई सिटी" अभियान के तहत शहर के रेलवे स्टेशनों को भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिकता के अनूठे संगम से सजाया गया है। रेलवे स्टेशनों की दीवारों पर बनी कलाकृतियां रामायण, महाभारत, गंगा आरती, और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों को जीवंत कर रही हैं।

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"पेंट माई सिटी" अभियान के तहत प्रयागराज का कायाकल्प
डबल इंजन सरकार ने प्रयागराज को महाकुंभ के लिए खास बनाने का बीड़ा उठाया है। "पेंट माई सिटी" अभियान ने न केवल शहर की खूबसूरती को बढ़ाया है बल्कि इसे भारत की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित किया है। प्रयागराज जंक्शन, प्रयाग जंक्शन, नैनी जंक्शन, और अन्य रेलवे स्टेशनों की दीवारों पर बनाई गईं कलाकृतियां श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध अनुभव प्रदान करती हैं।

रेलवे स्टेशनों पर सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कलाकृतियां
रेलवे स्टेशनों पर हिंदू पौराणिक कथाओं और भारतीय परंपराओं को चित्रित किया गया है। दीवारों पर रामायण और महाभारत के दृश्य, भगवान शिव की आराधना, गंगा आरती, भगवान बुद्ध की शिक्षाएं, और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों को उकेरा गया है। ये कलाकृतियां यात्रियों को प्रयागराज की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का काम कर रही हैं।

सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का प्रयास
भारतीय रेलवे की यह पहल केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है। यह प्रयागराज की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाने का प्रयास है। इन कलाकृतियों के माध्यम से ऋषि परंपरा, गुरु-शिष्य परंपरा, और भारतीय ज्ञान की गहराई को दर्शाया गया है।

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महाकुंभ 2025: श्रद्धालुओं के लिए विशेष अनुभव
महाकुंभ में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए रेलवे स्टेशन न केवल यात्रा के पड़ाव होंगे, बल्कि उनकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा बनेंगे। यह पहल प्रयागराज को एक अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव के केंद्र में लाती है।

 महाकुंभ 2025 के लिए प्रयागराज के हर कोने को सजाया जा रहा है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को न केवल गंगा स्नान और धार्मिक आयोजनों का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा, बल्कि वे इस शहर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गहराई को भी करीब से अनुभव कर पाएंगे। रेलवे स्टेशनों पर बनाई गई कलाकृतियां इस आयोजन की भव्यता का प्रमाण हैं, जो हर आगंतुक के दिल में एक विशेष स्थान बनाएंगी।