यूपी में अब नए कलेवर में दिखेगा मिशन शक्ति अभियान, सीएम ने जारी किए निर्देश

मिशन शक्ति अब प्रदेशभर में नई कलेवर के साथ शुरू हाेने जा रहा है। इस बार मुख्य रूप से महिलाओं काे याेजनाओं का लाभ देने के लिए डोर-टू-डोर अभियान चलाया जाएगा।

By: shivmani tyagi

Updated: 27 Jul 2021, 07:31 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनऊ ( Lucknow ) प्रदेश में मिशन शक्ति ( mission shakti project ) के पहले व दूसरे चरण की सफलता के बाद अब तीसरा चरण शुर हाेगा। तीसरे चरण में मिशन शक्ति नए कलेवर में दिखाई देगा। इस बार मुख्य रूप से ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की जरूरतमंद महिलाओं और बेटियों के लिए कई स्वर्णिम योजनाओं को प्रदेश में लागू किया जाएगा। कोरोना की दूसरी लहर के बावजूद सीएम योगी की यह स्वर्णिम योजनाएं प्रदेश की महिलाओं बेटियों के लिए ढाल बनी हैं। ऐसे में मिशन शक्ति ( Mission shakti ) अभियान नवीन ऊर्जा के साथ एक बार फिर से प्रदेश में शुरू होने जा रहा है जिससे महिलाओं व बेटियों को संबल मिलेगा।

यह भी पढ़ें: खुशखबर, इन तीन राज्य के यात्रियों को मिली यूपी सरकार से भारी छूट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( Yogi Adityanath ) ने इसके लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्राम्य विकास पंचायती राज, गृह, महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि परस्पर समन्वय के साथ मिशन शक्ति के अगले चरण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार किया जाए। इसके साथ ही उन्‍होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि महिलाओं व बेटियों से जुड़े आपराधिक घटनाओं पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की जाए।

योजनाओं के जरिए महिलाओं को दिखाई स्वावलंबन की राह

महिला स्वयं सहायता समूह, बीसी सखी जैसी योजनाओं ने महिलाओं को स्वावलंबन की राह दिखाई है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह जैसी योजना ने बालिकाओं और उनके अभिभावकों को बड़ा संबल दिया है। ऐसे में प्रदेश में मिशन शक्ति के पहले और दूसरे चरण की सफलता के बाद सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने संबधित विभाग और अधिकारियों को मिशन शक्ति अभियान को नवीन ऊर्जा के साथ नई दिशा देने के निर्देश दिए हैं।

12.76 लाख महिलाओं और बेटियों को योजनाओं से जोड़ा गया

प्रदेश के 64 जनपदों में महिला शक्ति केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। साल 2020-2021 में कुल 37,406 गतिविधियों के जरिए 18.46 लाख महिलाओं और बेटियों को जागरूक किया गया। इसके साथ ही कोरोना काल के बावजूद महिला शक्ति केंद्रों के जरिए प्रदेश की 12.76 लाख महिलाओं और बेटियों को सीएम की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा गया है।

यह भी पढ़ें: मोदीजी असली पिछड़े वर्ग के बेटे होते तो पिछड़ों का आरक्षण खत्म कराने में नहीं लगे रहते : ओमप्रकाश राजभर

यह भी पढ़ें: शादी अनुदान व पारिवारिक लाभ के बाद अब विधवा पेंशन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, मर चुकीं 261 विधवाओं को जारी की पेंशन

shivmani tyagi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned