
जब खोला गया मुलायम सिंह यादव की समधन का कमरा, लेडीज सैंडल के साथ अंदर मिला ये सामान
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की समधन और लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की पूर्व उपसचिव अंबी बिष्ट का कमरा मंगलवार को मजिस्ट्रेट के सामने खोला गया। दरअसल अंबी बिष्ट ने अपने कमरे में कीमती सामान और ज्वेलरी होने की बात कही थी। लेकिन उनके वकील की मौजूदगी में खोले गए कमरे में कोई भी कीमती सामान नहीं मिला।
एलडीए से नगर निगम में हुआ ट्रांसफर
आपको बता दें कि शासन ने बीती दो फरवरी को अंबी बिष्ट का एलडीए से नगर निगम में ट्रांसफर कर दिया था। ट्रांसफर के बाद एलडीए ने उनके कमरे में ताला डलवा दिया था। जिसके बाद अंबी बिष्ट ने DM से कमरा खुलवाने का आग्रह किया था। मंगलवार को एसीएम चतुर्थ अमित कुमार उनके कमरे का ताला खुलवाने के लिए पहुंचे। इस दौरान अंबी बिष्ट की तरफ से उनके वकील सौरव यादव आए थे।
वकील के सामने खुला कमरा
अंबी बिष्ट ने अपने वकील के सामने कमरा खुलवाने और उनका सामान लेने के लिए अधिकृत किया था। कमरा खुलने के बाद अधिकारियों ने एक घंटे तक कमरे की तलाशी ली, लेकिन उसमें कोई भी कीमती सामान नहीं मिला। इस दौरान अधिकारियों ने पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई। कमरे में रखी अलमारी को भी तोड़ा गया। वहीं इससे पहले कमरे की चाभी लाने में इंजीनियरों ने एक घंटे लगा दिए। जिसके चलते अंबी बिष्ट के वकील और मजिस्ट्रेट में कहासुनी भी हो गई।
अंबी बिष्ट के वकील ने लगाया आरोप
वहीं तलाशी के बाद वकील सौरव यादव ने कहा कि इस अंबी बिष्ट ने कमरे में ज्वेलरी होने की बात कही थी। जिसमें कान, नाक और गले की ज्वेलरी थी। सौरव यादव ने बताया कि कमरे की पूरी तलाशी ली गई लेकिन ज्वेलरी नहीं मिली। सौरभ यादव ने आरोप लगाया कि ज्वेलरी गायब कर दी गई है। उन्होंने कहा कि तलाशी में अंबी बिष्ट का जो भी निजी सामान मिला है उसे उन्होंने रिसीव कर लिया है। जिसे वह अंबी बिष्ट को सौंप देंगे। वहीं अंबी बिष्ट के वकील सौरभ यादव के आरोपों पर एसीएम चतुर्थ अमित कुमार और एलडीए के नोडल अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने कहा कि सारे आरोप निराधार हैं। हमारी मौजूदगी में कमरा खोला गया, लेकिन कमरे में कोई भी कीमती सामान था ही नहीं। तलाशी के दौरान अंबी बिष्ट के कमरे से फाइलें, मैगजीन और कुछ स्टांप मिले हैं।
अंबी बिष्ट के कमरे से मिला सामान
- बेटी की शादी के 18 कार्ड।
- एलडीए लिखा एक मोटा रजिस्टर।
- एक जोड़ी लेडीज सैंडल।
- समाजवादी लोहिया एंक्लेव के फ्लैट की एक बुकलेट, जिसमें उनके बेटे चंद्रशेखर बिष्ट का नाम था।
- बैंक के कुछ कागज।
- प्रमोशन के लिए कुछ आवेदन पत्र।
- 2010 की निजी डायरी।
- नोटपैड और दो पेज की आईएएस अधिकारियों के नाम व पते की सूची।
Updated on:
04 Jul 2018 10:04 am
Published on:
04 Jul 2018 09:00 am
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