
यूपी के नौजवानों को बेरोजगारी भत्ता देने की कोई योजना नहीं” - अनिल राजभर (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
Anil Rajbhar UP Labour Minister: उत्तर प्रदेश विधानसभा में बेरोजगारी और युवाओं को राहत देने के मुद्दे पर चर्चा के दौरान श्रम मंत्री Anil Rajbhar ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार की फिलहाल युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने की कोई योजना नहीं है। उनके इस बयान के बाद सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
विधानसभा सत्र के दौरान विपक्षी सदस्यों ने राज्य में बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि बड़ी संख्या में शिक्षित युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं और सरकार को उन्हें आर्थिक सहारा देने के लिए बेरोजगारी भत्ता शुरू करना चाहिए।
इसी प्रश्न के जवाब में श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को भत्ता देना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। बेरोजगारी भत्ता अस्थायी समाधान हो सकता है, लेकिन स्थायी समाधान रोजगार सृजन है।”
मंत्री ने सदन को बताया कि राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने पर काम कर रही है। औद्योगिक निवेश, स्टार्टअप प्रोत्साहन, कौशल विकास कार्यक्रम और स्वरोजगार योजनाओं के जरिए युवाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास मिशन के तहत बड़ी संख्या में युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे निजी क्षेत्र में नौकरी पाने या स्वयं का व्यवसाय शुरू करने में सक्षम हुए हैं। राजभर ने यह भी दावा किया कि राज्य में निवेश के अनुकूल माहौल बनने से रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
श्रम मंत्री के बयान के बाद विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। विपक्षी सदस्यों का कहना था कि जब तक पर्याप्त रोजगार उपलब्ध नहीं हो जाते, तब तक बेरोजगारी भत्ता युवाओं के लिए राहत का माध्यम बन सकता है। कुछ सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी भर्तियों में देरी और परीक्षाओं में अनियमितताओं के कारण युवाओं को मानसिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि मंत्री ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है और जहां भी अनियमितताएं सामने आती हैं, वहां सख्त कार्रवाई की जाती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बेरोजगारी भत्ता और रोजगार सृजन दो अलग-अलग नीति दृष्टिकोण हैं। कुछ राज्य सरकारें युवाओं को अस्थायी आर्थिक सहायता के रूप में भत्ता देती हैं, जबकि अन्य सरकारें प्रत्यक्ष रोजगार सृजन पर ध्यान केंद्रित करती हैं।
अनिल राजभर का बयान इस बात का संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश सरकार दीर्घकालिक समाधान के रूप में रोजगार सृजन को प्राथमिकता देना चाहती है। हालांकि, विपक्ष का तर्क है कि जब तक रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं होते, तब तक युवाओं को आर्थिक सहायता की आवश्यकता बनी रहती है।
सदन में दिए गए इस बयान के बाद युवाओं के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। कुछ युवाओं का मानना है कि यदि सरकार रोजगार उपलब्ध कराने में सफल होती है तो भत्ते की आवश्यकता नहीं रहेगी। वहीं, कुछ का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में आर्थिक सहायता से उन्हें राहत मिल सकती थी। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
श्रम मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए ऋण और सब्सिडी आधारित योजनाएं चला रही है। लघु और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। इसके लिए प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन की व्यवस्था की गई है।
Updated on:
20 Feb 2026 05:10 pm
Published on:
20 Feb 2026 05:01 pm
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