
Now Students Have to clear JEE for Admission in Agriculture University
प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए एक बड़ा बदलाव हुआ है। अब कृषि विश्वविद्यालय में यूपी-कैटेट से इंजीनियरिंग में दाखिला नहीं मिलेगा। बल्कि इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए छात्रों को जेईई मेंस परीक्षा क्वालीफाई करनी होगी और एकेटीयू की काउंसलिंग में भी सम्मिलित होना होगा। बता दें कि यह पहला मौका है, जब कृषि विवि में यूपी-कैटेट के अलावा एकेटीयू की काउंसिलिंग से प्रवेश होगा। सत्र 2022-23 से इसे लागू कर दिया जाएगा।
प्रदेश में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर और सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ समेत कुल चार कृषि विवि हैं। इसमें कानपुर, फैजाबाद के साथ मेरठ में इंजीनियरिंग के कुछ कोर्सों की पढ़ाई होती है। इस बार यूपी-कैटेट बांदा कृषि विश्वविद्यालय आयोजित करा रहा है। इंजीनियरिंग की सीटों पर एकेटीयू की काउंसिलिंग से दाखिला लिए जाने के विवि की ओर से रखे प्रस्ताव पर स्टीयरिंग कमेटी ने अनुमति प्रदान कर दी है। इसके लिए एकेटीयू को पत्र भी भेज दिया गया है।
इन विषयों की होती है पढ़ाई
सीएसए के रजिस्ट्रार डॉ. सीएल मौर्या ने बताया कि विवि के इटावा कैंपस में एग्रीकल्चर, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, डेयरी टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई होती है। अब कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल में एकेटीयू की काउंसिलिंग से दाखिला लिया जाएगा। पहले छात्र जेईई की परीक्षा देकर तब काउंसलिंग कराकर दाखिला ले सकेंगे।
रैंक के आधार पर होगी काउंसलिंग
एकेटीयू के मीडिया प्रभारी आशीष मिश्र ने बताया कि जेईई रैंक के आधार पर विश्वविद्यालय काउंसिलिंग कराता है। जिससे प्रदेश के अलग अलग इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला होता है। अगर सीएसए विवि या फिर अन्य विश्वविद्यालय की ओर से पत्र आता है तो उसे भी काउंसिलिंग में शामिल कर दिया जाएगा।
Updated on:
18 Apr 2022 12:26 pm
Published on:
18 Apr 2022 12:22 pm
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