
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
लखनऊ : यूपी सरकार ने जमीन रजिस्ट्री के लिए एक नया नियम बनाया है। इस नए नियम के तहत आप अब अपने सहूलियत के हिसाब से किसी भी तहसील में रजिस्ट्री करवा सकेंगे । यह नियम जमीन खरीदने और बेचने वालों के लिए खबर है । पहले बड़ी तहसीलों में लंबी लाइनें लगती थी लेकिन अब लंबी लाइनों से निजात मिलेगा । अगर आपके तहसील में लंबी लाइन लगती है तो अब दूसरे तहसील में जमीन रजिस्ट्री करवा सकेंगे जहां पर लाइन कम लगती हो। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग ने सोमवार से पूरे प्रदेश में इस नियम को लागू करने का आदेश जारी है।
सीएम योगी ने लोगों के हित में लिया फैसला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यह फैसला स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया है। लोगों को अभी तक भीड़ होने की वजह रजिस्ट्री कराने में काफी परेशानी की सामना करना पड़ता था, दरअसल यह दिक्कत वहीं होती थी जिन तहसीलों में भीड़ अधिक होती थी। इस फैसले के बाद से अब लोग अपने सहूलियत के हिसाब से दूसरे तहसील में रजिस्ट्री करवा सकेंगे ।
दीपावली में धन तेरस के समय तहसील में भीड़ ज्यादा होती
दरअसल जब त्योहार आता है उस समय तहसील में भीड़ ज्यादा बढ़ जाती है और काफी लंबी लाइनें लगानी पड़ती है। इस नियम के बाद लोगों को लंबी लाइने लगाने से छूट मिल जाएगी । अब लोगों को पहले से समय मिल जाएगा। उसके अलावा जहां कम वेटिंग होगी वहां लोग जाकर आसानी से अपना काम करा सकेंगे। दीपावली में धन तेरस के दिन सबसे ज्यादा रजिस्ट्री होती है।
ऐसे अपनानी होगी प्रकिया
रजिस्ट्री कराने के लिए आपको www.igrs.gov.in पर जा करके रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। रजिस्ट्रेशन होने के बाद आपको रजिस्ट्री दफ्तर के साथ समय और तारीख का पता चल जाएगा। फिर आपको उस तारीख के दिन तहसील जाना होगा । आपको उसी तहसील में रजिस्ट्री की तारीख मिलेगी जिस तहसील में वेंटिंग लिस्ट कम होगी । इसके लिए इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर का फाइनल टेस्ट कर लिया गया है। फाइनल रन में किसी भी तरह की जब दिक्कत नहीं आई् तो सीएम के सामने प्रस्ताव रखा गया। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद इसको लागू कर दिया गया है।
मंडल मुख्यालयों में पहले लागू होगा यह नियम
यह नियम पहले मंडल मुख्यालय पर लागू होगा। वहां एक से ज्यादा रजिस्ट्री कार्यालय होते है। इसमें आगरा, सहारनपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, बरेली, लखनऊ, चित्रकूट, झांसी, अयोध्या, गोरखपुर, कानपुर, गोंडा, मेरठ, बस्ती, मुरादाबाद, आजमगढ़ा, अलीगढ़ और वाराणसी मंडल शामिल है। यहां सफल होने के बाद इसको जिला मुख्यालय पर लागू किया जाएगा।
Updated on:
11 Sep 2022, 3:22 PM IST
Published on:
11 Sep 2022, 3:19 PM IST
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